जनवरी में आठ बुनियादी क्षेत्रों की वृद्धि दर घटकर चार प्रतिशत पर आई

जनवरी में आठ बुनियादी क्षेत्रों की वृद्धि दर घटकर चार प्रतिशत पर आई

जनवरी में आठ बुनियादी क्षेत्रों की वृद्धि दर घटकर चार प्रतिशत पर आई
Modified Date: February 20, 2026 / 08:56 pm IST
Published Date: February 20, 2026 8:56 pm IST

नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) देश के आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर जनवरी में गिरकर दो महीने के निचले स्तर चार प्रतिशत पर आ गई। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

जनवरी 2025 में यह वृद्धि दर 5.1 प्रतिशत और दिसंबर 2025 में 4.7 प्रतिशत थी।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई। रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन स्थिर रहा।

कोयला एवं सीमेंट क्षेत्र की उत्पादन वृद्धि दर घटकर 3.1 प्रतिशत एवं 10.7 प्रतिशत रह गई जो एक साल पहले की समान अवधि में क्रमशः 4.6 प्रतिशत एवं 14.3 प्रतिशत थी।

हालांकि, उर्वरक, इस्पात और बिजली उत्पादन में इस महीने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।

चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जनवरी अवधि में प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर घटकर 2.8 प्रतिशत रह गई जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 4.5 प्रतिशत थी।

इन आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए रेटिंग एजेंसी इक्रा लिमिटेड की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि व्यापक आधार पर सुस्ती दर्ज की गई जिसमें आठ में से सात बुनियादी क्षेत्रों में सालाना आधार पर गिरावट रही।

नायर ने कहा, ‘प्रमुख बुनियादी क्षेत्रों के उत्पादन रुझान को देखते हुए जनवरी में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की वृद्धि दर धीमी पड़ने की संभावना है। हालांकि हमें उम्मीद है कि आईआईपी के गैर-प्रमुख हिस्से में वृद्धि दर, प्रमुख उद्योगों के उत्पादन स्तर को पीछे छोड़ना जारी रखेगी।’’

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आईआईपी की वृद्धि दर जनवरी 2026 में घटकर लगभग 5.5 प्रतिशत रह जाएगी, जो दिसंबर 2025 में 7.8 प्रतिशत थी।

भाषा राजेश राजेश प्रेम

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