विमान ईंधन और प्राकृतिक गैस को जीएसटी के दायरे में लाने पर हो सकता है विचार
विमान ईंधन और प्राकृतिक गैस को जीएसटी के दायरे में लाने पर हो सकता है विचार
नई दिल्ली। जीएसटी परिषद विमान ईंधन(एटीएफ) और प्राकृतिक गैस को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार कर सकता है। लेकिन टैक्स स्लैब इसमें बाधक बन रहा है।
बता दें कि जब जीएसटी लागू किया गया था तो 5 उत्पादों-कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन को इससे बाहर रखा गया था। केंद्र और राज्यों को होने वाले नुकसान के चलते इन्हें तुरंत जीएसटी के दायरे में लाने में देरी हो रही है। हालांकि, प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्राकृतिक गैस और एटीएफ को उपयुक्त माना जा रहा है।
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परिषद की बैठक 21 जुलाई को है। इसमें प्राकृतिक गैस और एटीएफ को जीएसटी के दायरे में लाने का प्रस्ताव चर्चा के लिए रखा जा सकता है। जीएसटी काउंसिल में वित्त मंत्री के अलावा अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री या प्रतिनिधि शामिल हैं।
हालांकि, इन दोनों उत्पादों को जीएसटी की दरों 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत में रखना मुश्किल साबित हो रहा है। अभी केंद्र एटीएफ पर 14% का उत्पाद शुल्क लगाता है। इसके ऊपर से राज्य 30% तक सेल्स टैक्स या वैट लगाते हैं। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में विमान ईंधन पर 5% वैट हैं जबकि तमिलनाडु में 29%, महाराष्ट्र और दिल्ली में 25% और कर्नाटक में 28% वैट है।
वेब डेस्क, IBC24

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