सेनिटरी नैपकिन जीएसटी से बाहर, कारोबारियों को अब सिर्फ एक पेज का ही रिटर्न भरना होगा

सेनिटरी नैपकिन जीएसटी से बाहर, कारोबारियों को अब सिर्फ एक पेज का ही रिटर्न भरना होगा

सेनिटरी नैपकिन जीएसटी से बाहर, कारोबारियों को अब सिर्फ एक पेज का ही रिटर्न भरना होगा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:43 pm IST
Published Date: July 21, 2018 11:57 am IST

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है। सैनिटरी नैपकिन को जीएसटी से बाहर करने का फैसला लिया गया हैवित्त मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की 28वीं बैठक में शनिवार को कई फैसले लिए गए। 28% वाले कई प्रोडक्ट्स से भी जीएसटी कम किया गया है।  बैठक में शुगर सेस पर रिपोर्ट रखी गई। हालांकि शुगर सेस लगाने पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया। कुल मिलाकर 35 से ज्यादा उत्पादों पर जीएसटी रेट कम किए गए।

इसके अलावा कारोबारियों के लिए जीएसटी रिटर्न नियम आसान करने पर सहमति बनी। नई व्यवस्था के तहत अब जीएसटी रिटर्न भरने वाला फॉर्म सिर्फ 1 पेज का होगा वहीं, महीने में 3 बार रिटर्न के झंझट से भी मुक्ति मिल गई है। हालांकि 5 करोड़ रुप तक के टर्नओवर वालों को तिमाही रिटर्न भरना होगा

यह भी पढ़ें : अब राजस्थान में मॉब लिंचिंग, गो-तस्करी के आरोप में पीट-पीट कर हत्या

बताया गया कि बैठक में रोजमर्रा के इस्तेमाल से जुड़ी करीब 30 वस्तुओं के जीएसटी रेट में कटौती पर विचार किया गया इनमें सैनिटरी नैपकीन के अलावा लीथियम आयन बैटरी, बैटरी वाली गाड़ियां, वॉटर कूलर और आइसक्रीम उपकरण शामिल थे

हालांकि हैंडलूम और कुटीर उद्योग से जुड़ी करीब 40 वस्तुओं की दरों में कटौती की उम्‍मीद थी मार्बल स्टोन की बनी देवी-देवताओं की मूर्तियां भी सस्ती हो सकती हैं डेकोरेटिव आइटम पर जीएसटी 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी हो सकता है. जॉब वर्क और करीब 45 सर्विसेज को लेकर सफाई आ सकती है

वेब डेस्क, IBC24


लेखक के बारे में