बिजली क्षेत्र को कोयले की आपूर्ति जुलाई में संतोषजनक स्तर पर, 62 दिन की जरूरत का भंडार उपलब्ध
बिजली क्षेत्र को कोयले की आपूर्ति जुलाई में संतोषजनक स्तर पर, 62 दिन की जरूरत का भंडार उपलब्ध
नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि जुलाई में बिजली क्षेत्र के लिए घरेलू कोयले की आपूर्ति संतोषजनक स्तर पर रही। उत्पादन के साथ आपूर्ति में मजबूत वृद्धि के कारण कुल कोयला भंडार लगभग 14.8 करोड़ टन पर पहुंच गया, जो बिजली क्षेत्र की करीब 62 दिन की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त है।
कोयला मंत्रालय ने बयान में कहा कि चार अगस्त तक तापीय बिजलीघरों में 3.46 करोड़ टन कोयले का भंडार उपलब्ध था। इसके अलावा खदानों के मुहाने और आपूर्ति के लिए भेजे गये कोयला को मिलाकर कुल 11.3 करोड़ टन ईंधन उपलब्ध है। इस प्रकार कुल उपलब्ध कोयला भंडार लगभग 14.8 करोड़ टन है।
मंत्रालय ने कहा कि यह बिजली क्षेत्र की लगभग 62 दिन की कोयला खपत की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त है। यह एक संतोषजनक बफर उपलब्ध कराता है।
मानसून के दौरान जलभराव के कारण कोयला खदानों में अक्सर आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होती है। इस लिहाज से यह स्थिति महत्वपूर्ण है।
सरकार के अनुसार, जुलाई में उत्पादन और तापीय बिजलीघरों तक कोयले की आपूर्ति में मजबूत वृद्धि के कारण घरेलू कोयला आपूर्ति सुचारू बनी रही।
देश का कुल कोयला उत्पादन जुलाई में 7.51 प्रतिशत बढ़कर 6.97 करोड़ टन रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह 6.49 करोड़ टन था।
आलोच्य महीने में कोयले की आपूर्ति बढ़कर 8.68 करोड़ टन हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष के जुलाई में 7.36 करोड़ टन थी।
तापीय बिजलीघरों में कोयले की प्राप्ति जुलाई में 13.41 प्रतिशत बढ़कर 6.88 करोड़ टन रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष के जुलाई में यह 6.07 करोड़ टन थी।
कोयला मंत्रालय ने कहा, ‘‘बिजली क्षेत्र को कोयले की आपूर्ति में यह निरंतर और मजबूत वृद्धि देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए निर्बाध कोयला उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसमें भारतीय रेल का भी लगातार सहयोग मिल रहा है।’’
मंत्रालय ने कहा कि वह सभी उपभोक्ताओं, विशेष रूप से बिजली क्षेत्र, को निर्बाध और पर्याप्त कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ताकि देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
भाषा रमण अजय
अजय

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