राज्यों के जीडीपी की गणना के लिए 2022-23 के आधार वर्ष के साथ दिशानिर्देश जारी

राज्यों के जीडीपी की गणना के लिए 2022-23 के आधार वर्ष के साथ दिशानिर्देश जारी

राज्यों के जीडीपी की गणना के लिए 2022-23 के आधार वर्ष के साथ दिशानिर्देश जारी
Modified Date: May 7, 2026 / 07:14 pm IST
Published Date: May 7, 2026 7:14 pm IST

नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) सांख्यिकी मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को राज्यों के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) की गणना के लिए 2022-23 को आधार वर्ष मानते हुए एक समान दिशानिर्देश जारी किए हैं। इस कदम से सभी राज्यों में मानकीकृत ढांचे और प्रदर्शन की तुलनात्मकता सुनिश्चित की जा सकेगी।

राष्ट्रीय लेखा खातों की गणना के लिए आधार वर्ष को पहले ही 2022-23 में बदल दिया गया है ताकि नये आंकड़ों और विकसित हो रहे अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ बेहतर अनुमान पद्धतियों को शामिल करके अर्थव्यवस्था की वर्तमान संरचना को अधिक सटीक रूप से समझा जा सके।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने बयान में कहा कि इस बदलाव के अनुरूप, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को क्षेत्रीय आर्थिक प्रदर्शन के आकलन में अधिक सटीकता, एकरूपता और तुलनात्मकता सुनिश्चित करने के लिए सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) संकलन को नए आधार वर्ष को अपनाना आवश्यक है।

इस दिशानिर्देश से राज्य स्तरीय अनुमानों की एकरूपता, विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक मानकीकृत ढांचा प्राप्त होगा।

वित्त मंत्रालय, वित्त आयोग, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) और अन्य संबंधित पक्ष राजकोषीय विकेंद्रीकरण, नीति निर्माण, संसाधन आवंटन, बजट निर्माण, प्रदर्शन मूल्यांकन और अंतर-राज्यीय तुलनाओं के लिए जीएसडीपी का व्यापक रूप से उपयोग करते हैं।

वर्तमान में, लक्षद्वीप और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव (डीएनएच एवं डीडी) को छोड़कर 34 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश 2011-12 को आधार वर्ष मानकर जीएसडीपी अनुमान संकलित कर रहे हैं।

मंत्रालय ने कहा कि 2022-23 को आधार वर्ष मानकर नई श्रृंखला में, वह लक्षद्वीप और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव सहित सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल करने के लिए ठोस प्रयास कर रहा है, ताकि क्षेत्रीय खातों के संकलन में एकरूपता सुनिश्चित हो सके।

भाषा अजय अजय रमण

रमण


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