Sharmistha Panoli statement: ऑपरेशन सिंदूर पर टिप्पणी के बाद हुई थी गिरफ्तार, अब इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पानोली ने दिया ये बड़ा बयान, देखें वीडियो

Sharmistha Panoli statement: ऑपरेशन सिंदूर पर टिप्पणी के बाद हुई थी गिरफ्तार, अब इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पानोली ने दिया ये बड़ा बयान, देखें वीडियो

Sharmistha Panoli statement: ऑपरेशन सिंदूर पर टिप्पणी के बाद हुई थी गिरफ्तार, अब इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पानोली ने दिया ये बड़ा बयान, देखें वीडियो

Sharmistha Panoli statement/Image Source: Social Media

Modified Date: May 7, 2026 / 06:28 pm IST
Published Date: May 7, 2026 6:21 pm IST
HIGHLIGHTS
  • ऑपरेशन सिंदूर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप
  • शर्मिष्ठा पानोली ने गिरफ्तारी को “तुष्टीकरण की राजनीति” बताया
  • सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने कहा- भारत और सेना के समर्थन में आवाज उठाई थी

Sharmistha Panoli statement: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में BJP की प्रचंड जीत हुई है। खुद सीएम रही ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से चुनाव हार गई हैं। 294 वाली विधानसभा में बीजेपी को 207 सीटें मिली हैं, जबकि टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई है। इसी बीच बंगाल में ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर एक समुदाय विशेष की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तारी पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पानोली ने चौंकाने वाला बयान दिया है। शर्मिष्ठा ने गिरफ्तारी को तुष्टीकरण की राजनीति करार दिया है।

शर्मिष्ठा पानोली (Sharmistha Panoli statement) ने कहा कि “…मुझे यह देखकर बहुत हैरानी हुई कि पश्चिम बंगाल राज्य के पास इतने सारे संसाधन हैं कि वे इतनी दूर तक जाकर सिर्फ़ एक लॉ स्टूडेंट को गिरफ़्तार कर सकें, जिसने एक गलती की थी- मेरी भाषा एक मुद्दा थी, जिसे मैंने समय के साथ सुधार लिया है। अगर उनके पास ये संसाधन थे, तो वे इनका इस्तेमाल R.G. Kar मामले या भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों को पकड़ने के लिए क्यों नहीं कर रहे थे? मेरा मुद्दा यही है।”

 

 

जब उनसे पूछा गया कि बंगाल पुलिस द्वारा कथित हेट स्पीच के मामले में उनकी गिरफ़्तारी, क्या पिछली सरकार के दौरान पुलिस के राजनीतिकरण का मामला था, तो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पानोली (Sharmistha Panoli statement) कहती हैं, “इसके दो पहलू हैं। पहला, हमने लंबे समय से देखा है कि TMC के सदस्य हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियाँ करते हैं, और वे इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी की आड़ में छिपा लेते हैं। लेकिन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान, जब मैंने हमारी सेना के समर्थन में बात की, तो उन्होंने मेरी बात को संदर्भ से हटाकर पेश किया और उसे धार्मिक नफ़रत का नाम दे दिया। उन्होंने मुझे गिरफ़्तार करने के लिए पाँच राज्यों में 1,500 किलोमीटर का सफ़र तय किया, जबकि मैं माफ़ी भी माँग चुकी थी। मुझे लगता है कि यह पूरी तरह से बेवजह था और साफ़ तौर पर तुष्टीकरण की राजनीति का संकेत था।”

भारत से बढ़कर कुछ भी नहीं: शर्मिष्ठा

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पानोली (Sharmistha Panoli statement)ने बताया कि, “मेरे पिता ने मुझे हमेशा सिखाया है कि भारत से बढ़कर कुछ भी नहीं है। जब पहलगाम हमला हुआ, तो मेरे दिल को बहुत गहरा दुख पहुँचा कि धार्मिक मतभेदों की वजह से बेकसूर लोगों की जान चली गई। मैं उनके लिए आवाज़ उठाना चाहती थी; यह मेरा फ़र्ज़ था। जहाँ तक मैंने जिस भाषा का इस्तेमाल किया, उसकी बात है, तो मैं हमेशा खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करती रहती हूँ। इसके अलावा, मुझे नहीं लगता कि मैंने किसी भी धार्मिक पहचान को ठेस पहुँचाने के लिए जान-बूझकर कुछ किया- मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था…”

 

 

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.