उच्च-स्तरीय बैंकिंग समिति करेगी सार्वजनिक बैंकों के बहीखाते की समस्या की समीक्षाः सचिव नागराजू

उच्च-स्तरीय बैंकिंग समिति करेगी सार्वजनिक बैंकों के बहीखाते की समस्या की समीक्षाः सचिव नागराजू

उच्च-स्तरीय बैंकिंग समिति करेगी सार्वजनिक बैंकों के बहीखाते की समस्या की समीक्षाः सचिव नागराजू
Modified Date: May 1, 2026 / 07:31 pm IST
Published Date: May 1, 2026 7:31 pm IST

नयी दिल्ली, एक मई (भाषा) वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने शुक्रवार को कहा कि बजट 2026-27 में घोषित ‘विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्चस्तरीय समिति’ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बहीखाते से संबंधित मुद्दों की समीक्षा करेगी, ताकि वे अपनी पूंजी का बेहतर उपयोग कर सकें।

नागराजू ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि सरकार जल्द ही इस समिति के कार्य एवं क्षेत्र की घोषणा करेगी। यह समिति बैंकिंग क्षेत्र को अधिक प्रभावी, समावेशी और देश की विकास जरूरतों के अनुरूप बनाने पर ध्यान देने के साथ ही वित्तीय स्थिरता को भी बनाए रखेगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी, 2026 को अपने बजट भाषण में इस समिति के गठन का प्रस्ताव किया था। इस समिति के गठन का उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करना है।

नागराजू ने कहा कि भारत में कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार को और विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि केवल उच्च रेटिंग वाली कंपनियों तक ही पूंजी सीमित न रहे।

उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे देशों में ‘ए’ और ‘बीबीबी’ रेटिंग वाली कंपनियों की भी बॉन्ड बाजार में मजबूत भागीदारी है, जबकि भारत में मध्यम श्रेणी का यह खंड लगभग अनुपस्थित है।

नागराजू ने कहा कि इस वजह से कंपनियों को लंबी अवधि के लिए पूंजी जुटाने में दिक्कत आती है और दीर्घकालिक निवेशकों की अधिक भागीदारी से बाजार की गहराई एवं तरलता बढ़ाई जा सकती है।

नागराजू ने कहा कि बॉन्ड, मुद्रा और डेरिवेटिव बाजारों के बीच बेहतर समन्वय, द्वितीयक बाजार में तरलता, कम लेनदेन लागत और नियामकीय ढांचे में समानता से बाजार को मजबूत किया जा सकता है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूंजी का प्रवाह केवल उच्च साख वाले उधारकर्ताओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि छोटे व्यवसायों, किसानों और नए उद्यमियों तक भी प्रतिस्पर्धी दरों पर पहुंचना जरूरी है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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