नयी दिल्ली, 14 अप्रैल (भाषा) घरेलू पर्यटन में वृद्धि के कारण भारत के होटल उद्योग का आकार 2029 तक बढ़कर करीब 31 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। रियल एस्टेट क्षेत्र की सलाहकार सीबीआरई ने यह अनुमान लगाया है।
होटल उद्योग का आकार 2024 में लगभग 25 अरब डॉलर था।
अपनी नवीनतम रिपोर्ट में सीबीआरई ने कहा कि भारत की सूचीबद्ध होटल कंपनियां 2030 तक 70,000 से अधिक नए कमरे (की) जोड़ सकती हैं। हालांकि, मौजूदा परिचालन वाले कमरों की संख्या का उल्लेख नहीं किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, उद्योग का आकार बढ़कर 2029 तक करीब 31 अरब डॉलर होने का अनुमान है, जो 2024 में लगभग 24.6 अरब डॉलर था।
इस वृद्धि में घरेलू पर्यटन की प्रमुख भूमिका रहेगी, जिसमें 2025 में यात्राओं की संख्या सालाना आधार पर 40 प्रतिशत बढ़कर 4.1 अरब तक पहुंच गई।
सीबीआरई के भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया और अफ्रीका क्षेत्र के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अंशुमान मैगजीन ने कहा कि आतिथ्य क्षेत्र की यह प्रगति भारत की आर्थिक मजबूती को दर्शाती है, जिसमें बढ़ती आय और बेहतर संपर्क सुविधा से वृद्धि हो रही है।
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे उद्योग अनुभव-आधारित यात्रा की ओर तेजी से बढ़ रहा है और धार्मिक तथा सांस्कृतिक स्थलों पर संगठित मांग को आकर्षित कर रहा है, देश के आतिथ्य क्षेत्र में दीर्घकालिक और मजबूत विस्तार की संभावना है।
सीबीआरई ने बताया कि 2025 में वैश्विक तनाव और विमानन क्षेत्र में परिचालन संबंधी बाधाओं जैसी चुनौतियों के बावजूद आतिथ्य क्षेत्र में मजबूत वृद्धि बनी रही।
भाषा योगेश अजय
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