देश के आठ शहरों में आवासीय बिक्री जनवरी-जून में 0.7 प्रतिशत बढ़कर 1.71 लाख इकाई:नाइट फ्रैंक

देश के आठ शहरों में आवासीय बिक्री जनवरी-जून में 0.7 प्रतिशत बढ़कर 1.71 लाख इकाई:नाइट फ्रैंक

देश के आठ शहरों में आवासीय बिक्री जनवरी-जून में 0.7 प्रतिशत बढ़कर 1.71 लाख इकाई:नाइट फ्रैंक
Modified Date: July 9, 2026 / 12:38 pm IST
Published Date: July 9, 2026 12:38 pm IST

नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) देश के आठ शहरों में आवासीय बिक्री जनवरी-जून 2026 की अवधि में 0.7 प्रतिशत बढ़कर 1.71 लाख इकाई हो गई। रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी नाइट फ्रैंक ने यह जानकारी दी।

नाइट फ्रैंक इंडिया ने बृहस्पतिवार को ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में जनवरी-जून 2026 के आवासीय बिक्री के आंकड़े जारी किए। इनके अनुसार, एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले प्रीमियम मकानों की कुल बिक्री में हिस्सेदारी 54 प्रतिशत रही, जबकि मध्यम आय वर्ग और किफायती आवासों की हिस्सेदारी घटकर 46 प्रतिशत रह गई।

आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में आवासीय बिक्री मामूली बढ़कर 1,71,471 इकाई रही, जो एक साल पहले की समान अवधि में 1,70,201 इकाई थी।

इन आठ शहरों में मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद और कोलकाता शामिल हैं।

नाइट फ्रैंक ने आंकड़ों का विवरण देते हुए कहा कि दिल्ली-एनसीआर को छोड़कर सभी शहरों में आवास बिक्री बढ़ी। दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बिक्री में सालाना आधार पर सात प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

आंकड़ों के अनुसार, 50 लाख रुपये से कम कीमत वाले किफायती मकानों की बिक्री जनवरी-जून के दौरान 15 प्रतिशत घटकर 32,063 इकाई रह गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 37,796 इकाई थी। किफायती आवास श्रेणी की कुल बिक्री में हिस्सेदारी 19 प्रतिशत रही। वहीं 50 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक की कीमत वाले मकानों की बिक्री पांच प्रतिशत घटकर 46,490 इकाई रह गई। मध्यम आय वर्ग के मकानों की कुल बिक्री में हिस्सेदारी 27 प्रतिशत रही।

इस वर्ष की पहली छमाही में नए आवासों की पेशकश चार प्रतिशत बढ़कर 1,87,350 इकाई हो गई।

नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, ‘‘ (कोविड-19) वैश्विक महामारी के दौरान के निचले स्तर से तेज वापसी के बाद वृद्धि की रफ्तार भले ही कम हुई हो, लेकिन बाजार के बुनियादी कारक अब भी मजबूत बने हुए हैं। प्रीमियम मकानों की हिस्सेदारी अब कुल आवास बिक्री के आधे से अधिक हो गई है, जो घरेलू आय में वृद्धि, खरीदारों की बदलती आकांक्षाओं और दीर्घकालिक गृह स्वामित्व के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।’’

उन्होंने कहा कि शहरीकरण, बुनियादी ढांचा निवेश और स्थिर व्यापक आर्थिक माहौल के समर्थन से आवासीय बाजार लगातार मजबूत हो रहा है।

भाषा निहारिका

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