‘बियॉन्ड बेंगलुरु’ में निवेशकों की भारी रुचि, हम कई और बेंगलुरु बना रहे: मंत्री पाटिल
'बियॉन्ड बेंगलुरु' में निवेशकों की भारी रुचि, हम कई और बेंगलुरु बना रहे: मंत्री पाटिल
(बरुण झा)
दावोस, 20 जनवरी (भाषा) कर्नाटक सरकार के ‘बियॉन्ड बेंगलुरु’ (बेंगलुरु से आगे) अभियान में भारी रुचि होने का दावा करते हुए राज्य के वरिष्ठ मंत्री एम बी पाटिल ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार निवेश आकर्षित करने के लिए कई अन्य शहरों को विकसित कर रही है।
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक के दौरान पीटीआई-भाषा से पाटिल ने कहा कि कर्नाटक देश के सबसे प्रगतिशील राज्यों में से एक है। इसकी शुरुआत 2000 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एस एम कृष्णा के नेतृत्व में हुई थी, जब बेंगलुरु को देश की आईटी राजधानी के रूप में विकसित किया गया था।
मंत्री ने याद दिलाया कि आजादी से पहले से ही राज्य में एक मजबूत परिवेश रहा है और यह इसरो, भारतीय विज्ञान संस्थान, बीएचईएल, एचएएल और एचएमटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का घर रहा है।
उन्होंने कहा, ”हम पेशेवर कॉलेज के क्षेत्र में भी अग्रणी रहे हैं। इन्फोसिस और विप्रो जैसे आईटी दिग्गज हमारे राज्य से ही उभरे हैं। अब हम न केवल आईटी राजधानी हैं, बल्कि जैव प्रौद्योगिकी, मशीन टूल्स, एयरोस्पेस और रक्षा, तथा स्टार्टअप की भी राजधानी हैं।” उन्होंने बताया कि फॉर्च्यून 500 कंपनियों में 400 से अधिक कंपनियों का आधार बेंगलुरु में है।
पाटिल ने कहा, ”यहां दावोस में हम स्थिरता के बारे में बहुत बात करते हैं। हमारी औद्योगिक नीति में स्थिरता के लिए प्रोत्साहन का प्रावधान है। यदि आपका विनिर्माण हरित है, तो आपको प्रोत्साहन मिलता है। इस तरह हम वास्तव में वैश्विक हैं और दुनिया के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं।”
उन्होंने कहा कि कर्नाटक केवल कागजों पर दिखने वाले अवास्तविक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने में विश्वास नहीं रखता, बल्कि वास्तविक निवेश पर ध्यान केंद्रित करता है।
पाटिल ने कहा, ”पिछले साल वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन में हमने 10.27 लाख करोड़ रुपये के सौदों पर हस्ताक्षर किए थे और उनमें से आधे से अधिक एक साल से भी कम समय में जमीन पर उतर चुके हैं।”
उन्होंने बताया कि इन निवेशों में लगभग 70 प्रतिशत ‘बियॉन्ड बेंगलुरु’ अभियान का हिस्सा थे, जो राज्य के विभिन्न हिस्सों में निवेश को बढ़ावा देता है। सरकार अन्य शहरों में हवाई अड्डे, रेल नेटवर्क और औद्योगिक पार्क विकसित कर रही है ताकि उन्हें बेंगलुरु जैसा बेहतर बनाया जा सके। मंत्री ने कहा कि मैसूर, मैंगलोर, हुबली, धारवाड़, बेलगाम और कलबुर्गी सहित कई शहरों में अपार संभावनाएं हैं।
भाषा पाण्डेय रमण
रमण


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