हुंदै के भारतीय परिचालन के 30 साल पूरे, गतिशीलता को आकार देने की प्रतिबद्धता जताई
हुंदै के भारतीय परिचालन के 30 साल पूरे, गतिशीलता को आकार देने की प्रतिबद्धता जताई
नयी दिल्ली, छह मई (भाषा) दक्षिण कोरियाई वाहन कंपनी हुंदै मोटर ने भारतीय बाजार में परिचालन के 30 वर्ष पूरे होने पर बुधवार को देश और वैश्विक बाजार के लिए गतिशीलता को आकार देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
हुंदै की भारतीय इकाई हुंदै मोटर इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) की छह मई, 1996 को स्थापना हुई थी। उसके बाद से कंपनी ने भारत में कुल 40,700 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
कंपनी की वित्त वर्ष 2025-26 से 2029-30 के दौरान 45,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करने की योजना है। इसका उपयोग विनिर्माण, विद्युतीकरण, भविष्य की आवाजाही और वर्ष 2030 तक 26 नए उत्पादों की पेशकश में किया जाएगा।
एचएमआईएल ने एक बयान में कहा कि स्थापना के बाद से अब तक कुल 1.35 करोड़ वाहनों की बिक्री की जा चुकी है। इनमें 96 लाख इकाइयां घरेलू बाजार में बिकी हैं जबकि 39 लाख इकाइयों का 150 देशों को निर्यात हुआ है।
इस तरह भारत, कंपनी की वैश्विक सफलता में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है और यह देश यात्री वाहनों के निर्यात में संचयी आधार पर कंपनी का सबसे बड़ा निर्यातक बना हुआ है।
एचएमआईएल के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी तरुण गर्ग ने कहा “एचएमआईएल की 30 वर्षों की यात्रा समय के साथ अर्जित विश्वास और पूरे भारत में ग्राहकों के लिए हमारी टीमों के निरंतर प्रदर्शन के गर्व से परिभाषित होती है।”
उन्होंने कहा, “इस उपलब्धि का जश्न मनाते हुए हम नई ऊर्जा के साथ भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं और भारत एवं दुनिया के लिए आवागमन को आकार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
गर्ग ने कहा कि कंपनी ‘प्रोग्रेस फॉर ह्यूमैनिटी’ के वैश्विक दृष्टिकोण के अनुरूप भारत की आकांक्षाओं से जुड़ी हुई है और नवाचार, टिकाऊ वृद्धि एवं साझा समृद्धि को आगे बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।
कंपनी के पास चेन्नई और पुणे में दो विनिर्माण संयंत्र हैं और इसकी 2028 तक कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 10.74 लाख इकाई तक करने की योजना है।
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
रमण

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