आईबीबीआई ने सुपरटेक के समाधान पेशेवर का पंजीकरण दो साल के लिए निलंबित किया

आईबीबीआई ने सुपरटेक के समाधान पेशेवर का पंजीकरण दो साल के लिए निलंबित किया

आईबीबीआई ने सुपरटेक के समाधान पेशेवर का पंजीकरण दो साल के लिए निलंबित किया
Modified Date: March 31, 2026 / 09:20 pm IST
Published Date: March 31, 2026 9:20 pm IST

नयी दिल्ली, 31 मार्च (भाषा) भारतीय दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) ने रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक लिमिटेड और नोबिलिटी एस्टेट्स की दिवाला कार्यवाही के संचालन में कई गंभीर खामियों को देखते हुए एक ‘दिवाला समाधान पेशेवर’ का पंजीकरण दो साल के लिए निलंबित कर दिया है।

आईबीबीआई की अनुशासन समिति ने 30 मार्च को जारी अपने आदेश में पाया कि दिवाला समाधान पेशेवर हितेश गोयल, सुपरटेक और नोबिलिटी एस्टेट्स की दिवाला प्रक्रिया के दौरान अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में विफल रहे।

सुपरटेक लिमिटेड के खिलाफ मार्च 2022 में दिवाला कार्यवाही शुरू हुई थी और इसके लिए गोयल को अंतरिम समाधान पेशेवर नियुक्त किया गया था।

इसके बाद, राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने एक विशेष आदेश में कहा था कि दिवाला प्रक्रिया सुपरटेक की केवल ‘ईको विलेज-2’ परियोजना तक ही सीमित रहेगी, जबकि अन्य परियोजनाओं का काम समाधान पेशेवर की देखरेख में जारी रहेगा।

आईबीबीआई ने अपने आदेश में कहा कि गोयल ‘ईको विलेज-2’ परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण विवरण देने में नाकाम रहे। इनमें निर्माणाधीन या पूर्ण हो चुके टावर की स्थिति, अनबिके फ्लैट की सूची और कब्जे से जुड़े प्रमाणपत्रों की जानकारी शामिल थी।

नियामक ने यह भी पाया कि गोयल ने कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) की पहली बैठक निर्धारित समयसीमा के भीतर नहीं बुलाई और सूचना ज्ञापन जमा करने में भी देरी की।

नोबिलिटी एस्टेट्स के मामले में भी सीओसी की बैठक बुलाने, संपत्ति मूल्यांकनकर्ताओं की नियुक्ति और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में देरी पाई गई।

भाषा

सुमित प्रेम

प्रेम


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