आईईडब्ल्यू: ब्राजील के कच्चे तेल के लिए सावधि अनुबंध, जहाज निर्माण समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर

आईईडब्ल्यू: ब्राजील के कच्चे तेल के लिए सावधि अनुबंध, जहाज निर्माण समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर

आईईडब्ल्यू: ब्राजील के कच्चे तेल के लिए सावधि अनुबंध, जहाज निर्माण समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर
Modified Date: January 25, 2026 / 11:30 am IST
Published Date: January 25, 2026 11:30 am IST

नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) भारत ऊर्जा सप्ताह (आईईडब्ल्यू) में जिन समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, उनमें ब्राजील से कच्चे तेल के आयात के लिए 78 करोड़ डॉलर का अनुबंध और एथेन ले जाने के लिए बड़े जहाजों के निर्माण का समझौता शामिल है। आईईडब्ल्यू 27 जनवरी से शुरू हो रहा है।

सार्वजनिक क्षेत्र की भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेश लिमिटेड (बीपीसीएल) कच्चे तेल की खरीद में विविधता लाने की भारत की रणनीति के तहत वित्त वर्ष 2026-27 में ब्राजील की पेट्रोब्रास से 78 करोड़ डॉलर में 1.2 करोड़ बैरल तेल खरीदेगी। यह मात्रा पिछले वित्त वर्ष के इसके अनुबंध से दोगुनी है।

एक सरकारी बयान में कहा गया कि बीपीसीएल और पेट्रोब्रास आईईडब्ल्यू के दौरान कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए एक सावधि अनुबंध पर हस्ताक्षर करेंगे।

दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश भारत, अपने कच्चे तेल की खरीद में विविधता लाने के लिए ब्राजील जैसे क्षेत्रों का रुख कर रहा है। यह विविधीकरण कच्चे तेल की खरीद के लिए केवल कुछ ही स्रोतों पर निर्भर रहने के जोखिम को कम करने में मदद करेगा।

बयान में कहा गया कि चार दिवसीय सम्मेलन के दौरान ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) और उसका जापानी साझेदार मित्सुई ओएसके लाइन्स दक्षिण कोरिया की सैमसंग हैवी इंडस्ट्रीज के साथ दो जहाज निर्माण अनुबंधों पर हस्ताक्षर करेंगे।

ओएनजीसी 2028 के आसपास गुजरात के दहेज में अपनी पेट्रोकेमिकल इकाई ओपैल के लिए अमेरिका से एथेन के परिवहन हेतु दो बहुत बड़े एथेन वाहक का संयुक्त रूप से निर्माण, स्वामित्व और संचालन करने के लिए मित्सुई के साथ साझेदारी कर रही है। इन जहाजों का निर्माण सैमसंग के शिपयार्ड में किया जाएगा।

आईईडब्ल्यू में हस्ताक्षरित होने वाले अन्य समझौतों में नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) द्वारा फ्रांस की टोटलएनर्जीज के साथ एक प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर करना शामिल है। इसके तहत ओडिशा के पारादीप में सालाना दो लाख टन क्षमता वाली टिकाऊ विमानन ईंधन परियोजना का निर्माण किया जाएगा।

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय


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