आईएमएफ ने 2026-27 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान 6.5 से घटाकर 6.4 प्रतिशत किया
आईएमएफ ने 2026-27 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान 6.5 से घटाकर 6.4 प्रतिशत किया
वाशिंगटन, आठ जुलाई (भाषा) अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को मामूली घटाकर 6.4 प्रतिशत कर दिया है। अप्रैल में उसने इसके 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था।
आईएमएफ ने अपनी विश्व आर्थिक परिदृश्य (डब्ल्यूईओ) रिपोर्ट के अद्यतन संस्करण में कहा कि वित्त वर्ष 2027-28 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.7 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। यह अप्रैल के 6.5 प्रतिशत के अनुमान से 0.2 प्रतिशत अंक अधिक है।
आईएमएफ ने कहा, ‘‘भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। निजी खपत और सेवा क्षेत्र की मजबूत गतिविधियों के दम पर उसकी वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।’
आईएमएफ के विश्व आर्थिक अध्ययन प्रभाग की प्रमुख डेनिज इगन ने संवाददाताओं से कहा कि भारत के वृद्धि अनुमान में संशोधन के पीछे दो प्रमुख कारण हैं।
उन्होंने कहा, ‘एक ओर हालिया आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे हैं और अप्रैल तक के उच्च आवृत्ति वाले संकेतकों से समग्र आर्थिक गतिविधियों में मजबूती दिखाई दी है।’
हालांकि, उन्होंने कहा कि 2026-27 के लिए इन सकारात्मक संकेतों का असर ऊर्जा कीमतों में वृद्धि से काफी हद तक कम हो गया। साथ ही, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर भारत में खुदरा ईंधन कीमतों पर भी अधिक पड़ने की संभावना है।
इगन ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2027-28 में ऊर्जा झटके का असर कम होने के साथ अर्थव्यवस्था में मजबूती आने की उम्मीद है। मध्यम अवधि में भारत की वृद्धि दर करीब 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है और आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आने की संभावना है।’
आईएमएफ ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के 2026 में तीन प्रतिशत और 2027 में 3.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। यह 2024-25 के औसत 3.5 प्रतिशत की तुलना में कम है और अप्रैल के अनुमान के मुकाबले कुल मिलाकर लगभग अपरिवर्तित है।
भाषा योगेश अजय
अजय

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