मुद्राकोष ने भारत के सांख्यिकीय रूपरेखा को आधुनिक बनाने के प्रयासों का स्वागत किया
मुद्राकोष ने भारत के सांख्यिकीय रूपरेखा को आधुनिक बनाने के प्रयासों का स्वागत किया
(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 10 सितंबर (भाषा) अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत की सांख्यिकीय रूपरेखा को आधुनिक बनाने के प्रयासों का स्वागत किया है। मुद्राकोष ने कहा कि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक और उत्पादक मूल्य सूचकांक की नई श्रृंखला शामिल किए जाने से जीडीपी अनुमान को अधिक सटीक बनाने में मदद मिलेगी।
भारत के ताजा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) अनुमानों की विश्वसनीयता को लेकर जारी चर्चा के बीच मुद्राकोष ने यह बात कही। मुद्राकोष के संचार विभाग की निदेशक जूली कोजैक ने ‘पीटीआई-भाषा’ के एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत के हाल के जीडीपी आंकड़ों में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक और उत्पादक मूल्य सूचकांक की नई श्रृंखला को शामिल किया गया है। इन दोनों नई श्रृंखलाओं से भारत के जीडीपी अनुमान को बेहतर बनाने में मदद मिलनी चाहिए।
कोजैक ने कहा कि मुद्राकोष भारत के वृहद आर्थिक आंकड़ों को आधुनिक बनाने की दिशा में उठाए गए इन महत्वपूर्ण कदमों का स्वागत करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम भारतीय प्राधिकरण को सांख्यिकीय रूपरेखा और आंकड़ों की गुणवत्ता को और मजबूत करने के प्रयास जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”
कोजैक ने मासिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत की वास्तविक जीडीपी में दूसरी तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो आईएमएफ के कर्मचारियों के अनुमान और अन्य विश्लेषकों के औसत अनुमान से अधिक रही।
उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से सेवा क्षेत्र और निर्यात में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन के कारण जीडीपी आंकड़े बेहतर रहे।
मुद्राकोष की अधिकारी ने कहा कि यह परिणाम ऊर्जा कीमतों में आई तेजी के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को बताता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की वृद्धि का एक प्रमुख इंजन बना हुआ है।
भाषा रमण अजय
अजय

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