विदेशी बाजारों में मजबूत सुधार के बाद आयातित तेल-तिलहनों के दाम मजबूत, अफवाहों से सरसों टूटा

विदेशी बाजारों में मजबूत सुधार के बाद आयातित तेल-तिलहनों के दाम मजबूत, अफवाहों से सरसों टूटा

विदेशी बाजारों में मजबूत सुधार के बाद आयातित तेल-तिलहनों के दाम मजबूत, अफवाहों से सरसों टूटा
Modified Date: April 3, 2026 / 09:19 pm IST
Published Date: April 3, 2026 9:19 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) विदेशी बाजारों के मजबूत बंद होने के कारण देश के तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल जैसे आयातित तेलों के दाम मजबूत बंद हुए। आवक घटने और मांग होने से बिनौला तेल के दाम में भी सुधार आया। आयातित खाद्यतेलों की आवक बढ़ाने के लिए आयात शुल्क घटाये जाने और सरसों की आवक बढ़ने जैसी अफवाहों के कारण सरसों तेल-तिलहन के दाम गिरावट के साथ बंद हुए। ऊंचे दाम पर सुस्त कारोबार के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर बने रहे।

मलेशिया एक्सचेंज दोपहर 3.30 बजे लगभग एक प्रतिशत सुधार के साथ बंद हुआ। ‘गुड फ्राइडे’ की वजह से शिकॉगो एक्सचेंज में कारोबार आज बंद है लेकिन बृहस्पतिवार रात यह काफी मजबूत बंद हुआ था।

बाजार सूत्रों ने कहा कि कल रात शिकागो एक्सचेंज के मजबूत बंद होने के कारण आज उसका असर सोयाबीन तेल-तिलहन कीमतों पर दिखा और इनके दाम मजबूती दर्शाते बंद हुए। शादी विवाह के मौसम के लिए हल्के नरम तेलों में सोयाबीन की अच्छी मांग भी है।

उन्होंने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज के मजबूत होने से पाम-पामोलीन तेल के दाम भी मजबूत रहे। इसके अलावा औद्योगिक मांग रहने तथा मूंगफली से सस्ता होने की वजह से घरेलू मांग होने तथा आवक घटने के कारण बिनौला तेल के दाम भी सुधार दर्शाते बंद हुए।

सूत्रों ने कहा कि आयातित खाद्यतेलों का आयात बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा आयात शुल्क घटाये जाने तथा मंडियों में आवक बढ़ने जैसी अफवाहों के बीच सरसों तेल-तिलहन के दाम में गिरावट देखी गई। हालांकि, ऐसी कोई सूचना सरसों तेल संबधित खाद्यतेल संगठन ‘मोपा’ की ओर से नहीं आया है लेकिन समझा जाता है कि यह अफवाह उन चंद लोगों द्वारा फैलाया गया हो सकता है जो किसानों का मनोबल तोड़कर सस्ते में उनकी ऊपज को हथियाना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि सरसों तेल का दाम पहले से आयातित सॉफ्ट खाद्यतेलों के मुकाबले काफी सस्ता बैठते हैं।

उन्होंने कहा कि ऊंचे दाम पर सुस्त कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर रहे।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 7,000-7,025 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 7,300-7,775 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 17,650 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,785-3,085 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,925 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,465-2,565 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,465-2,610 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 16,825 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 16,225 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,475 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,725 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,450 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,675 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 14,625 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,775-5,825 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 5,450-5,525 रुपये प्रति क्विंटल। भाषा राजेश राजेश पाण्डेय

पाण्डेय


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