अमेरिका में ‘धारा 301’ के तहत जांच की घोषणा का भारत कर रहा आकलनः अधिकारी
अमेरिका में 'धारा 301' के तहत जांच की घोषणा का भारत कर रहा आकलनः अधिकारी
नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) अमेरिका में 16 व्यापारिक साझेदारों के खिलाफ ‘धारा 301’ के तहत जांच शुरू किए जाने की घोषणा का भारत आकलन कर रहा है और उसके हिसाब से ही अपनी प्रतिक्रिया देगा। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने 11 मार्च को घोषणा की थी कि उसने भारत, चीन, जापान और यूरोपीय संघ (ईयू) सहित अपने 16 व्यापारिक भागीदारों के खिलाफ जांच शुरू की है।
इस जांच का मकसद जबरन श्रम और अत्यधिक उत्पादन क्षमता जैसी अनुचित प्रथाओं का पता लगाना और उसका समाधान करना है। इसमें खासतौर से उन बातों पर ध्यान दिया जाएगा, जिनसे अमेरिकी विनिर्माण प्रभावित हो रहा है।
इस जांच के दायरे में इस्पात, एल्युमीनियम, वाहन, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन, मशीनरी, सेमीकंडक्टर और सौर मॉड्यूल जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
जांच के घेरे में शामिल व्यापारिक भागीदारों में चीन, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, इंडोनेशिया, मलेशिया, कंबोडिया, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, ताइवान, बांग्लादेश, मैक्सिको, जापान, भारत और यूरोपीय संघ शामिल हैं।
अधिकारी ने कहा, ”हम उनके इस नोट का अध्ययन कर रहे हैं। हम इसे सभी नजरिये से देख रहे हैं। कानूनी परिप्रेक्ष्य के साथ ही इसमें उल्लिखित आर्थिक पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है। भारत इन दस्तावेजों का मूल्यांकन कर रहा है।”
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए गए शुल्कों के खिलाफ फैसला सुनाया है। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका के पास ऐसे शुल्क लगाने के अन्य विकल्प मौजूद हैं। इसके जरिये अमेरिका अपने व्यापारिक भागीदारों पर फिर से शुल्क का दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इस जांच का मुख्य केंद्र चीन है, क्योंकि वहां कई क्षेत्रों में जबरन श्रम और अत्यधिक उत्पादन क्षमता का मुद्दा है, जो अन्य देशों के व्यापार को बिगाड़ सकता है।
भाषा पाण्डेय प्रेम
प्रेम

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