भारत-चिली एफटीए जल्द होगा पूरा, महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र के खुलेंगे रास्ते: पीयूष गोयल

भारत-चिली एफटीए जल्द होगा पूरा, महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र के खुलेंगे रास्ते: पीयूष गोयल

भारत-चिली एफटीए जल्द होगा पूरा, महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र के खुलेंगे रास्ते: पीयूष गोयल
Modified Date: January 30, 2026 / 06:20 pm IST
Published Date: January 30, 2026 6:20 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत और चिली के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत जल्द ही संपन्न हो जाएगी। इस समझौते से घरेलू व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच आसान हो जाएगी।

दक्षिण अमेरिकी देश चिली के पास लिथियम, तांबा, रेनियम, मोलिब्डेनम और कोबाल्ट जैसे प्रमुख खनिजों का विशाल भंडार है। ये इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन और सौर ऊर्जा क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

ग्रेटर नोएडा में भारतीय सनदी लेखागार संस्थान (आईसीएआई) के एक कार्यक्रम में गोयल ने कहा, ‘‘हम कई विकसित देशों के साथ सक्रिय बातचीत कर रहे हैं… हम जल्द ही चिली के साथ एफटीए को अंतिम रूप देंगे। यह हमारे लिए महत्वपूर्ण खनिजों के रास्ते खोल देगा।’’

भारत और चिली ने 2006 में एक तरजीही व्यापार समझौते (पीटीए) को लागू किया था और अब इसे एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) में बदलने के लिए बातचीत कर रहे हैं। इस नए समझौते का उद्देश्य डिजिटल सेवाओं, निवेश प्रोत्साहन, एमएसएमई और महत्वपूर्ण खनिजों सहित विभिन्न क्षेत्रों की एक विस्तृत श्रृंखला को शामिल करना है।

भारत और चिली के बीच द्विपक्षीय व्यापार अभी मध्यम स्तर पर है। वित्त वर्ष 2024-25 में चिली को भारत का निर्यात 2.46 प्रतिशत घटकर 1.15 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 72 प्रतिशत बढ़कर 2.60 अरब डॉलर हो गया।

मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले चार वर्षों में भारत ने मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, न्यूजीलैंड, ओमान, ईएफटीए (ईएफटीए), ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (ईयू) सहित आठ विकसित राष्ट्रों और समूहों के साथ व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से 32 प्रमुख यूरोपीय देशों के साथ सहयोग बढ़ाया है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय


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