चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच में भारत-फिनलैंड सहयोग रहा मुख्य केंद्र

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चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच में भारत-फिनलैंड सहयोग रहा मुख्य केंद्र

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  • Publish Date - August 22, 2026 / 02:40 PM IST,
    Updated On - August 22, 2026 / 02:40 PM IST

(तस्वीर सहित)

नयी दिल्ली, 22 अगस्त (भाषा) भारत तथा फिनलैंड ने चक्रीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में कारोबारी और प्रौद्योगिकी साझेदारी को और अधिक मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। दोनों देशों की कंपनियों ने संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और वृद्धि के अवसरों पर चर्चा की।

भारत चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच (आईसीईएफ) 2026 के समापन दिवस पर शुक्रवार को नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बदलते आर्थिक संबंधों के बीच उभरते अवसरों पर विचार-विमर्श किया।

आईसीईएफ 2026, दो दिवसीय कार्यक्रम 20 से 21 अगस्त तक आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम गुजरात के गांधीनगर में सितंबर में प्रस्तावित विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच (डब्ल्यूसीईएफ) 2026 की तैयारियों के रूप में था। डब्ल्यूसीईएफ दक्षिण एशिया में पहली बार आयोजित होने जा रहा है।

डब्ल्यूसीईएफ के अनुसार, ऐसी अर्थव्यवस्था में संसाधन कचरे में तब्दील नहीं होते और प्रकृति का पुनरुद्धार होता है। यह सीमित प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से आर्थिक गतिविधियों को अलग कर जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता के नुकसान, कचरे और प्रदूषण जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में मदद करती है।

कार्यक्रम के तहत शुक्रवार की चर्चा का विषय ‘‘मूल्य श्रृंखलाओं में सामंजस्य : भारत-ईयू व्यापार का नया दौर’’ था।

नयी दिल्ली स्थित फिनलैंड दूतावास में व्यापार एवं निवेश सलाहकार एंटी हेरलेवी ने कहा, ‘‘चक्रीय अर्थव्यवस्था केवल पर्यावरण से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह आर्थिक और औद्योगिक विकास का भी विषय है।’’

उन्होंने कहा कि फिनलैंड की 100 से अधिक कंपनियां भारत में स्वच्छ ऊर्जा, कचरा प्रबंधन, पुनर्चक्रण, डिजिटल समाधान और टिकाऊ डिजाइन जैसे क्षेत्रों में पहले से ही काम कर रही हैं। भारतीय कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं।

फिनलैंड की कंपनियों पेइक्को, नोकिया, नॉर्मेट, मिरासिस और लामोर के साथ भारतीय कंपनियों ऑर्बीग्रीन टेकसोर्स, लूपएम अल्टरनेटिव्स, री:जेन कलेक्टिव और स्याही यूनिफॉर्म्स ने चर्चा में भाग लिया।

गांधीनगर में सितंबर में होने वाले विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच के 10वें संस्करण का आयोजन फिनलैंड के नवाचार कोष सितरा और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड संयुक्त रूप से करेंगे। इसमें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, गुजरात सरकार और अन्य भारतीय तथा वैश्विक भागीदार सहयोग करेंगे।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत और फिनलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025-26 में सालाना आधार पर करीब 25 प्रतिशत बढ़कर 3.70 अरब डॉलर हो गया है।

भाषा यासिर पाण्डेय

पाण्डेय