भारत की आठ-नौ और देशों के समूहों के साथ एफटीए पर बातचीत जारी: गोयल

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भारत की आठ-नौ और देशों के समूहों के साथ एफटीए पर बातचीत जारी: गोयल

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  • Publish Date - August 24, 2026 / 10:03 AM IST,
    Updated On - August 24, 2026 / 10:03 AM IST

तोक्या, 24 अगस्त (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत कम से कम आठ-नौ और देशों के समूहों तथा अलग-अलग देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के लिए बातचीत कर रहा है। इनसे कुल 15 हजार अरब डॉलर की अतिरिक्त जीडीपी वाली अर्थव्यवस्थाओं तक भारत की पहुंच बनेगी।

उन्होंने कहा कि भारत के मुक्त व्यापार समझौतों से अंततः वैश्विक व्यापार का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा भारत के लिए खुल जाएगा और इससे देश को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भरोसेमंद भागीदार के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।

गोयल ने यहां भारत और जापान के कारोबारी प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का घरेलू बाजार बड़ा है और वह दुनिया के लिए अपने दरवाजे खोल रहा है। पिछले चार वर्षों में भारत ने नौ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं।

उन्होंने कहा कि इन नौ समझौतों के तहत 38 विकसित देशों समेत कुल 60 हजार अरब डॉलर की जीडीपी वाली अर्थव्यवस्थाएं आती हैं।

मंत्री ने कहा कि जापान और कोरिया समेत विभिन्न देशों तथा आसियान क्षेत्र के साथ पहले किए गए व्यापार समझौतों से 10 हजार अरब डॉलर की अतिरिक्त जीडीपी तक पहुंच बनी है।

गोयल ने कहा, ‘‘आज भारत 70 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए तरजीही बाजार पहुंच के दरवाजे खोल रहा है। हम कम से कम आठ या नौ अन्य देशों के समूहों या देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं, जिससे 15 हजार अरब डॉलर और जुड़ेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह हमारे मुक्त व्यापार समझौतों के जरिये वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत हिस्सा कवर हो जाएगा और भारत को वैश्विक मूल्य श्रृंखला का भरोसेमंद भागीदार बनने का अवसर मिलेगा।’’

गोयल दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देने के लिए 200 से अधिक प्रतिनिधियों वाले एक बड़े कारोबारी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत में डेटा सेंटर, विनिर्माण और कृत्रिम मेधा (एआई) जैसे क्षेत्रों में निवेश के बड़े अवसर मौजूद हैं।

मंत्री ने कहा कि बढ़ते आर्थिक संबंधों से भारत और जापान के बीच संतुलित व्यापार की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलनी चाहिए।

भाषा निहारिका

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