दुबई, 24 अगस्त (एपी) ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के नए प्रमुख ने रविवार को चेतावनी दी कि उनके देश के खिलाफ अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई का समर्थन करने वाले किसी भी देश के कदम को ‘‘युद्ध’’ माना जाएगा। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन का बचाव किया।
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के कट्टरपंथी नेता मोहसिन रेजाई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर यह चेतावनी दी।
उन्होंने सरकारी प्रसारक को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘अगर (डोनाल्ड ट्रंप) कुछ करना चाहते हैं, तो हम भी मुंह तोड़ पलटवार करेंगे।’’
दूसरी ओर, अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट सोमवार को ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा कर सकते हैं। इस बीच, मध्यस्थों के जरिए वार्ता फिर शुरू कराने के प्रयासों के तहत पाकिस्तान के सेना प्रमुख भी सोमवार को ईरान की यात्रा कर सकते हैं।
ईरान के सरकारी टेलीविजन ने अपनी खबर में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी फील्ड मार्शल असीम मुनीर सोमवार को तेहरान पहुंचेंगे और एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य में हमलों में कमी आई है, लेकिन दोनों पक्षों की बयानबाजी जारी है। हाल ही में गठित एक ईरानी प्राधिकरण ने ढेरों ऐसे जहाजों की सूची जारी की है, जिन्हें भविष्य में इस मार्ग से गुजरने पर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने मध्य जून में हुए समझौता ज्ञापन का बचाव करते हुए रविवार को कहा कि यह ‘‘न युद्ध, न शांति’’ की स्थिति से बाहर निकलने और मौजूदा गतिरोध को तोड़ने का सबसे बेहतर विकल्प था। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू हुए करीब छह महीने बीत जाने के बावजूद तेहरान विदेशी निवेश आकर्षित करने में सफल नहीं हो पा रहा है।
पेजेश्कियान ने अपने भाषण में कहा, ‘‘इस समझौते में ऐसा एक भी प्रावधान नहीं है, जिसे आत्मसमर्पण के रूप में देखा जा सके। सर्वोच्च नेता नीतियां तय करते हैं और हम उन्हीं के निर्देशों के अनुरूप आगे बढ़ेंगे।’’
सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने भाषण प्रकाशित किया है।
एपी खारी वैभव
वैभव