भारत में इस्पात उत्पादन 2030 तक 30 करोड़ टन से अधिक हो जाएगा: अधिकारी

भारत में इस्पात उत्पादन 2030 तक 30 करोड़ टन से अधिक हो जाएगा: अधिकारी

भारत में इस्पात उत्पादन 2030 तक 30 करोड़ टन से अधिक हो जाएगा: अधिकारी
Modified Date: July 27, 2024 / 05:18 pm IST
Published Date: July 27, 2024 5:18 pm IST

कोलकाता, 27 जुलाई (भाषा) भारत में 2030 तक घरेलू इस्पात उत्पादन 30 करोड़ टन को पार कर जाएगा। केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह उम्मीद जताते हुए कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच इस्पात की मांग बेहतर बनी हुई है।

इस्पात सचिव नागेंद्र नाथ सिन्हा ने कहा कि मंत्रालय को इस्पात क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के प्रयासों के चलते क्षमता वृद्धि में किसी भी बाधा की आशंका नहीं है।

उन्होंने कहा कि जल्द ही इस्पात क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन को कम करने पर जनता की राय लेने के लिए एक मसौदा जारी किया जाएगा। कुल कार्बन उत्सर्जन में इस्पात क्षेत्र की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत है।

भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स (बीसीसी) के सदस्यों को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा कि सरकार के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा दिए जाने और लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद के साथ मौजूदा इस्पात की मांग मजबूत बनी हुई है।

उन्होंने साथ ही जोड़ा कि जीडीपी भी मजबूती से बढ़ रही है, और सरकारी तथा निजी, दोनों क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे पर लगातार जोर देने से इस्पात की मांग मजबूत बनी रहेगी।

वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान तैयार इस्पात का उत्पादन 13.85 करोड़ टन था, जो इससे पिछले साल की तुलना में 12.4 प्रतिशत अधिक है। ऐसे में 30 करोड़ टन स्थापित क्षमता हासिल करने के लिए 12 प्रतिशत की दर से वृद्धि हासिल करनी होगी।

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय


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