महत्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए भारत प्रयासरतः रेड्डी
महत्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए भारत प्रयासरतः रेड्डी
नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बृहस्पतिवार को कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धा तेज होने के बीच भारत अपनी आयात निर्भरता घटाकर ‘विकसित भारत’ दृष्टि के अनुरूप खनिज आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए सक्रिय है।
रेड्डी ने यहां अन्वेषण लाइसेंस (ईएल) की दूसरी किस्त की नीलामी के उद्घाटन कार्यक्रम में कहा, “भारत आयात पर निर्भरता कम करने और ‘विकसित भारत’ के अनुरूप खनिज आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में काम कर रहा है।”
उन्होंने खनन क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि मजबूत खनिज अन्वेषण पारिस्थितिकी का विकास किया जा रहा है।
मंत्री ने राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण एवं विकास न्यास (एनएमईटी) के विस्तारित दायरे और अन्वेषण को मजबूत करने के लिए ‘समन्वित सरकारी दृष्टिकोण’ पर जोर दिया। उन्होंने डेटा एकीकरण, आंकड़ा-आधारित निर्णय और खनिज संभावनाओं की व्यवस्थित पहचान को प्राथमिकता देने की बात कही।
उन्होंने उद्योग जगत से अनुसंधान, नवाचार और समन्वय बढ़ाने का आग्रह करते हुए कहा कि सरकार निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और खनिज अन्वेषण ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।
रेड्डी ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) से भी खनिज अन्वेषण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
सरकार ने दूसरे चरण में 11 अन्वेषण लाइसेंस ब्लॉक की नीलामी शुरू की है। इनमें दुर्लभ मृदा तत्व, सोना, हीरा और तांबा सहित अन्य खनिज शामिल हैं। ये ब्लॉक आठ राज्यों में स्थित हैं।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय

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