भारत, खाड़ी सहयोग परिषद एफटीए पर बातचीत शुरू करने को करेंगे नियम-शर्तों पर हस्ताक्षर
भारत, खाड़ी सहयोग परिषद एफटीए पर बातचीत शुरू करने को करेंगे नियम-शर्तों पर हस्ताक्षर
नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) भारत और पश्चिमी एशियाई देशों का समूह खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) बृहस्पतिवार को मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करने के लिए नियम एवं शर्तों पर हस्ताक्षर करेंगे।
नियम एवं शर्तों में प्रस्तावित व्यापार समझौते का दायरा और तौर-तरीके बताए गए हैं।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल जीसीसी के साथ बातचीत को लेकर नियम एवं शर्तों पर हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
जीसीसी खाड़ी क्षेत्र के छह देशों… सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन का समूह है।
भारत और संयुक्त अरब अमीरात मई 2020 में ही मुक्त व्यापार समझौता कर चुके हैं। भारत और ओमान ने 18 दिसंबर, 2025 को मस्कट में एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर किए थे।
जीसीसी के साथ एफटीए वार्ता एक तरह से बातचीत की फिर से शुरुआत होगी। इसका कारण पहले दो दौर की बातचीत 2006 और 2008 में दोनों पक्षों के बीच हुई थी। जीसीसी द्वारा सभी देशों और आर्थिक समूहों के साथ वार्ता स्थगित करने के कारण तीसरे दौर की वार्ता नहीं हो सकी।
भारत मुख्य रूप से सऊदी अरब और कतर जैसे खाड़ी देशों से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस आयात करता है और इन देशों को मोती, कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर, धातु, विद्युत मशीनरी, लोहा और इस्पात तथा रसायन निर्यात करता है।
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का जीसीसी देशों को निर्यात सालाना आधार पर लगभग एक प्रतिशत बढ़कर लगभग 57 अरब अमेरिकी डॉलर रहा जो एक साल पहले 2023-24 में 56.32 अरब अमेरिकी डॉलर था। वहीं आयात 2024-25 में 15.33 प्रतिशत बढ़कर 121.7 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।
व्यापार के अलावा, खाड़ी देशों में भारतीय आबादी की एक बड़ी संख्या रहती है। एक अनुमान के अनुसार लगभग 3.2 करोड़ प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) में से लगभग आधे खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं।
भाषा रमण अजय
अजय

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