भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता कल से होगा लागू

भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता कल से होगा लागू

भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता कल से होगा लागू
Modified Date: July 14, 2026 / 03:24 pm IST
Published Date: July 14, 2026 3:24 pm IST

नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) भारत और ब्रिटेन के बीच वृहद आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) 15 जुलाई, 2026 से प्रभावी हो जाएगा। कई दौर की बातचीत के बाद 25 जुलाई, 2025 को इस समझौते पर दोनों देशों ने हस्ताक्षर किए थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार के कार्यकाल में लागू होने वाला यह छठा मुक्त व्यापार समझौता है। इससे पहले भारत मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) और ओमान के साथ ऐसे समझौते लागू कर चुका है।

भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ यह समझौता हाल के वर्षों के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौतों में से एक माना जा रहा है। इसके लागू होने से भारत के लगभग 99 प्रतिशत निर्यात को ब्रिटेन के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी।

सीईटीए के लागू होने से परिधान, वस्त्र, जूते-चप्पल, कालीन, प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद, अनाज, सब्जियां, फल, मसाले, मछली, मांस तथा इनके प्रसंस्कृत उत्पाद जैसे क्षेत्र अब ब्रिटेन के बाजार में पूरी तरह शुल्क-मुक्त पहुंच सकेंगे। अबतक इन उत्पादों पर ब्रिटेन में चार से 16 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगाया जाता है।

वाहन एवं उनके कलपुर्जे, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, धातु उत्पादों के साथ-साथ सिरेमिक, कांच, पत्थर और सीमेंट उत्पादों के क्षेत्र को भी इस समझौते का लाभ मिलेगा।

वहीं, ब्रिटेन से आयात होने वाले सेल्मन मछली, लैम्ब (भेड़ का मांस), मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, चॉकलेट, शीतल पेय, कॉस्मेटिक्स, साबुन, परफ्यूम, शेविंग क्रीम और नेल पॉलिश जैसे कई उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते हो सकते हैं।

भारत, ब्रिटेन से आयात होने वाले चांदी पर लगने वाले शुल्क को अगले 10 साल में चरणबद्ध तरीके से शून्य कर देगा। ब्रिटेन से भारत आने वाले प्रमुख आयातित उत्पादों में चांदी भी शामिल है।

एफटीए में भारत ने ब्रिटेन में बनी पूरी तरह तैयार कारों और ट्रक पर आयात शुल्क में बड़ी कमी करने पर सहमति जताई है। यह शुल्क 110 प्रतिशत से धीरे-धीरे घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया जाएगा।

किसी भी एफटीए में यह पहली बार हुआ है जब भारत ने वाहन के क्षेत्र में इस तरह का निर्णय लिया है।

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और ब्रिटेन के बीच कुल व्यापार 8.62 प्रतिशत बढ़कर 25.12 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 23.13 अरब डॉलर था। हालांकि, इसी अवधि में भारत का ब्रिटेन को निर्यात 7.6 प्रतिशत घटकर 13.44 अरब डॉलर रह गया। वहीं, ब्रिटेन से भारत का आयात 36.11 प्रतिशत बढ़कर 11.68 अरब डॉलर हो गया।

भाषा

यासिर अजय

अजय


लेखक के बारे में