भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से निर्यात को नयी ऊंचाई मिलेंगी : एनटीडब्ल्यूबी चेयरमैन

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से निर्यात को नयी ऊंचाई मिलेंगी : एनटीडब्ल्यूबी चेयरमैन

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से निर्यात को नयी ऊंचाई मिलेंगी : एनटीडब्ल्यूबी चेयरमैन
Modified Date: February 5, 2026 / 07:19 pm IST
Published Date: February 5, 2026 7:19 pm IST

इंदौर (मध्यप्रदेश), पांच फरवरी (भाषा) केंद्र सरकार के राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (एनटीडब्ल्यूबी) के चेयरमैन सुनील जे. सिंघी ने बृहस्पतिवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की सराहना करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक करार से भारतीय वस्तुओं के निर्यात को नयी ऊंचाई मिलेंगी।

भारत और अमेरिका ने इस सप्ताह की शुरुआत में समझौते को अंतिम रूप दिया। इसके तहत अमेरिका में प्रवेश करने वाले भारतीय सामान पर शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जाएगा।

सिंघी ने इंदौर में ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘अमेरिका के साथ भारत का व्यापार समझौता ऐतिहासिक है। यह करार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। इससे भारतीय वस्तुओं के निर्यात को नयी ऊंचाइयां मिलेंगी।’

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में यह द्विपक्षीय व्यापार समझौता मददगार साबित होगा।

सिंघी ने विपक्ष की इन आशंकाओं को खारिज किया कि इस समझौते के बाद अमेरिका के कृषि और दुग्ध उत्पाद धड़ल्ले से भारत आ सकते हैं जिससे भारतीय किसानों और उद्योगों को नुकसान होगा।

एनटीडब्ल्यूबी चेयरमैन ने कहा,‘‘संसद का कामकाज बाधित करने वाले विपक्ष के पास बोलने के लिए कुछ भी नहीं है। विपक्ष अपनी बातों से देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन देश गुमराह नहीं होगा।’’

उन्होंने बताया कि एनटीडब्ल्यूबी की तर्ज पर मध्यप्रदेश में राज्यस्तरीय व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया जाएगा।

सिंघी ने बताया,‘‘हम जिला स्तर पर व्यापारियों की एक समिति भी बनाएंगे जो हर तीन महीने में प्रशासन के साथ नियमित बैठक करेगी। इससे व्यापारियों की स्थानीय समस्याओं का जल्द समाधान होगा।’’

एनटीडब्ल्यूबी चेयरमैन, व्यापारियों, उद्यमियों और प्रशासन व पुलिस अधिकारियों के साथ एक संयुक्त बैठक में भाग लेने इंदौर आए थे। इस बैठक में अलग-अलग क्षेत्रों के 135 व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और अपनी स्थानीय समस्याओं के समाधान के बारे में चर्चा की।

भाषा हर्ष जितेंद्र अजय

अजय


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