इंडियन बैंक का मुनाफा चौथी तिमाही में पांच प्रतिशत बढ़कर 3,103 करोड़ रुपये पर
इंडियन बैंक का मुनाफा चौथी तिमाही में पांच प्रतिशत बढ़कर 3,103 करोड़ रुपये पर
नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन बैंक का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में पांच प्रतिशत बढ़कर 3,103 करोड़ रुपये रहा। एनपीए यानी फंसे कर्ज में कमी से बैंक के मुनाफे में यह बढ़ोतरी हुई।
चेन्नई मुख्यालय वाले इस बैंक का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 2,956 करोड़ रुपये रहा था।
बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि समीक्षाधीन तिमाही के दौरान उसकी कुल आय बढ़कर 19,980 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 की समान तिमाही में 18,599 करोड़ रुपये थी।
वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में बैंक की ब्याज आय भी बढ़कर 17,480 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 की समान तिमाही में 15,856 करोड़ रुपये थी।
बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बिनोद कुमार ने तिमाही नतीजों के बाद कहा कि शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) भी बढ़कर 7,109 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 6,389 करोड़ रुपये थी।
पूंजी जुटाने की योजना पर उन्होंने कहा कि बैंक ने 2026-27 के लिए पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) समेत विभिन्न माध्यमों से 5,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए निदेशक मंडल की मंजूरी ली है।
उन्होंने बताया कि 2025-26 में भी पूंजी जुटाने की मंजूरी थी, लेकिन बैंक ने बाजार से धन जुटाने की जरूरत नहीं समझी।
बैंक के निदेशक मंडल ने 2025-26 के लिए 10 रुपये के अंकित मूल्य पर 18.25 रुपये प्रति शेयर (182.50 प्रतिशत) लाभांश देने का प्रस्ताव किया है।
संपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर बैंक का सकल एनपीए यानी फंसा कर्ज घटकर मार्च 2026 के अंत तक कुल अग्रिम का 1.98 प्रतिशत रह गया, जो मार्च 2025 के अंत में 3.09 प्रतिशत था।
इसी तरह शुद्ध एनपीए भी घटकर 0.15 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले 0.19 प्रतिशत था।
फंसे ऋण के लिए प्रावधान घटकर 748 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 1,100 करोड़ रुपये था।
भाषा योगेश रमण
रमण

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