अमेरिका में 96 यूनिकॉर्न की स्थापना के पीछे भारतीय मूल के उद्यमियों का योगदान : रिपोर्ट

अमेरिका में 96 यूनिकॉर्न की स्थापना के पीछे भारतीय मूल के उद्यमियों का योगदान : रिपोर्ट

अमेरिका में 96 यूनिकॉर्न की स्थापना के पीछे भारतीय मूल के उद्यमियों का योगदान : रिपोर्ट
Modified Date: June 5, 2026 / 02:53 pm IST
Published Date: June 5, 2026 2:53 pm IST

(सागर कुलकर्णी)

वाशिंगटन, पांच जून (भाषा) अमेरिका यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) की स्थापना करने वाले प्रवासी उद्यमियों में भारतीय मूल के लोगों की संख्या सबसे अधिक है। एक अध्ययन में यह बात कही गई है।

अमेरिका के गैर-लाभकारी संगठन नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी (एनएफएपी) के अध्ययन में कहा गया है कि भारतीय मूल के उद्यमियों ने या तो 96 अमेरिकी यूनिकॉर्न की स्थापना की है या उनमें सह-संस्थापक रहे हैं। इनमें कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित सर्च इंजन परप्लेक्सिटी भी शामिल है, जिसकी सह-स्थापना अरविंद श्रीनिवास ने की है और जिसका मूल्यांकन 20 अरब अमेरिकी डॉलर है तथा यह सूची में 12वें स्थान पर है।

अध्ययन के अनुसार, अमेरिका के यूनिकॉर्न स्टार्टअप के प्रवासी संस्थापकों के मूल देशों की सूची में भारत 96 कंपनियों के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद इजराइल (60), ब्रिटेन (47), चीन (41), कनाडा (30), रूस (23), फ्रांस (21), जर्मनी (18), यूक्रेन (16), ऑस्ट्रेलिया (14), पाकिस्तान (10) और रोमानिया (10) का स्थान है।

“इमिग्रेंट्स एंड यूएस बिलियन-डॉलर कंपनीज” शीर्षक वाले इस अध्ययन के लेखक स्टुअर्ट एंडरसन के अनुसार, अमेरिका के निजी क्षेत्र में यूनिकॉर्न स्टार्टअप कंपनियों में 59 प्रतिशत (775 में से 455) की स्थापना या सह-स्थापना प्रवासी उद्यमियों ने की है।

रिपोर्ट में कहा गया कि प्रवासी संस्थापकों वाली इन कंपनियों ने औसतन प्रति कंपनी 833 रोजगार सृजित किए हैं।

अध्ययन के अनुसार, लगभग दो-तिहाई (66 प्रतिशत) यूनिकॉर्न या तो प्रवासियों द्वारा या प्रवासी परिवारों की अगली पीढ़ी द्वारा स्थापित या सह-स्थापित हैं। वहीं, करीब 80 प्रतिशत यूनिकॉर्न में या तो प्रवासी संस्थापक हैं या फिर सीईओ अथवा इंजीनियरिंग उपाध्यक्ष जैसे प्रमुख नेतृत्व पदों पर प्रवासी शामिल हैं।

अध्ययन में यह भी पाया गया कि कम से कम 15 प्रवासियों, जिनमें एलन मस्क भी शामिल हैं, ने दो या उससे अधिक यूनिकॉर्न कंपनियों की स्थापना की है।

भारतीय मूल के छह संस्थापक मोहित अरोड़ा, ज्योति बंसल, आशुतोष गर्ग, अरविंद जैन, सचिन नायर और अजीत सिंह भी इस सूची में शामिल हैं।

भाषा योगेश अजय

अजय


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