उद्योग जगत को मौजूदा हालात में घबराने की जरूरत नहीं, अनिश्चितता को अवसर में बदलेः गोयल

उद्योग जगत को मौजूदा हालात में घबराने की जरूरत नहीं, अनिश्चितता को अवसर में बदलेः गोयल

उद्योग जगत को मौजूदा हालात में घबराने की जरूरत नहीं, अनिश्चितता को अवसर में बदलेः गोयल
Modified Date: May 19, 2026 / 04:39 pm IST
Published Date: May 19, 2026 4:39 pm IST

नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को उद्योग जगत से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को अवसर में बदलने का आह्वान करते हुए कहा कि मौजूदा हालात में घबराने की जरूरत नहीं है।

गोयल ने यहां ‘इंडिया बिजनेस रिफॉर्म समिट 2026’ को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों को भारत के लिए कारोबारी प्रक्रियाओं को मजबूत करने, सुधारों को तेज करने और आपूर्ति शृंखलाओं को अधिक सुदृढ़ बनाने के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “भारत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कभी किसी संकट को यूं ही नहीं जाने दिया है… मौजूदा वैश्विक स्थिति भी एक अवसर है, जिसमें हमें अपने व्यवसायिक ढांचे को और मजबूत करने के तरीके खोजने होंगे।”

गोयल ने कहा कि कोविड-19 काल के अनुभवों ने डिजिटल माध्यमों और दूरस्थ कार्य प्रणाली की उपयोगिता को साबित किया है। साथ ही पश्चिम एशिया संकट और कृत्रिम मेधा (एआई) जैसी नई प्रौद्योगिकी भी उद्योग के लिए नए अवसर लेकर आई हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह के हालात में हमें घबराने की जरूरत नहीं है।’’

उन्होंने उद्योग जगत से दक्षता बढ़ाने और अपव्यय घटाने का आह्वान करते हुए कहा कि कंपनियों को जापान की विनिर्माण प्रणालियों समेत वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं से सीख लेनी चाहिए।

वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, भारत का निर्यात पिछले वित्त वर्ष में 863 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जिसमें वस्तुओं एवं सेवाओं दोनों का योगदान रहा।

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के कारण भारतीय उत्पादों के लिए नए बाजार खुल रहे हैं और इनका लाभ निवेश आकर्षित करने एवं निर्यात बढ़ाने के लिए उठाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार औद्योगिक पार्कों में सभी मंजूरियों के लिए एकल खिड़की प्रणाली स्थापित करने की संभावना पर विचार कर रही है।

गोयल ने उद्योग से सरकार के साथ मिलकर कारोबारी सुगमता बढ़ाने और समस्याओं की पहचान करने में सहयोग करने का भी आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भारत अब 1,000 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है और निर्यातकों को नए बाजारों की तलाश में सक्रिय रहना चाहिए।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय


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