जयशंकर ने यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व से की मुलाकात, व्यापार एवं वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा

जयशंकर ने यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व से की मुलाकात, व्यापार एवं वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा

जयशंकर ने यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व से की मुलाकात, व्यापार एवं वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा
Modified Date: March 16, 2026 / 10:38 pm IST
Published Date: March 16, 2026 10:38 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

ब्रसेल्स, 16 मार्च (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को यूरोपीय संघ (ईयू) के शीर्ष नेतृत्व और विदेश मंत्रियों के साथ मुलाकात के दौरान भारत-ईयू के बीच हुए समझौतों के कार्यान्वयन और प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।

बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स के दो-दिवसीय दौरे पर पहुंचे जयशंकर ने ईयू के विदेश मामलों की परिषद की बैठक में भाग लिया। इसके लिए उन्हें ईयू की उच्च प्रतिनिधि और उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने आमंत्रित किया था।

इस अवसर पर जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि 2026 में भारत-ईयू संबंधों में ‘नया अध्याय’ खुला है और बैठक में दोनों पक्षों के बीच हुए विभिन्न समझौतों को ठोस परिणामों में बदलने पर चर्चा हुई।

उन्होंने बताया कि वार्ता में विशेष रूप से व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, आवागमन और रक्षा मुद्दों पर चर्चा हुई।

विदेश मंत्री ने कहा कि इन चर्चाओं ने ‘बहुध्रुवीय विश्व में भारत और ईयू के बीच मजबूत सहमति’ को भी दर्शाया और पश्चिम एशिया संकट, यूक्रेन की स्थिति तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर विचार-विमर्श किया गया।

जयशंकर ने इस दौरे पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष अर्सुला फॉन डेर लायन से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि जनवरी में लायन का भारत दौरा द्विपक्षीय संबंधों में

‘मोड़’ लेकर आया और इस पर तेजी से अमल किया जा रहा है।

फॉन डेर लायन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईयू और भारत अब हाल ही में संपन्न मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और सुरक्षा साझेदारी के कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

फॉन डेर लायन ने कहा, ‘जनवरी में हुए ईयू-भारत शिखर सम्मेलन में हमने एफटीए और सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर किए थे। अब हम इसे प्रभावी रूप से लागू करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि यूरोप और भारत के लोगों को जल्द परिणाम मिल सके।’

जयशंकर ने जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल, स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार, और यूनान के विदेश मंत्री जियोर्गोस जेरापेट्रिटिस से भी द्विपक्षीय वार्ता की।

उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि इन मुलाकातों में मुख्य रूप से रक्षा, विनिर्माण, अंतरिक्ष, कनेक्टिविटी और व्यापार को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।

आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का यूरोपीय संघ के साथ कुल वस्तु व्यापार लगभग 136 अरब डॉलर का रहा, जिसमें भारत का निर्यात लगभग 76 अरब डॉलर और आयात 60 अरब डॉलर रहा।

भाषा सुमित प्रेम

प्रेम


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