जापान के वित्तीय संस्थानों ने भारत की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं पर भरोसा जताया
जापान के वित्तीय संस्थानों ने भारत की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं पर भरोसा जताया
तोक्यो, 25 अगस्त (भाषा) जापान के वित्तीय और निवेश संस्थानों ने भारत की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं पर भरोसा जताया है। हालांकि, मुद्रा में उतार-चढ़ाव और कुछ नियामकीय एवं नीतिगत मुद्दों को अल्पकालिक निवेश संबंधी फैसलों को प्रभावित कर सकने वाले कारक के रूप में भी परिभाषित किया गया।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि इन संस्थानों के प्रतिनिधियों ने यहां वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक में निवेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘जापानी संस्थानों ने भारत को लेकर अपने दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टिकोण को सकारात्मक बताया, लेकिन साथ ही मुद्रा में उतार-चढ़ाव तथा कुछ नियामकीय और नीतिगत पहलुओं को अल्पकालिक निवेश निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण कारक बताया।’’
गोयल ने कहा कि सरकार कारोबार सुगमता में लगातार सुधार लाने और निवेश के लिए अधिक सहज माहौल तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्रालय के अनुसार, यह चर्चा अगले दशक में भारत में 10 लाख करोड़ येन का जापानी निजी निवेश जुटाने के भारत-जापान लक्ष्य के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
जापान, भारत में पांचवां सबसे बड़ा निवेशक है। अप्रैल, 2000 से मार्च, 2026 के बीच भारत को जापान से 48.14 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मिला है। इस अवधि में भारत को मिले कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में जापान की हिस्सेदारी करीब छह प्रतिशत रही।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री 24 अगस्त से जापान की चार दिन की यात्रा पर हैं। वह करीब 200 सदस्यों वाले भारतीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
भाषा यासिर अजय
अजय

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