उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए ‘पासा पलटने’ वाला साबित होगा जेवर हवाई अड्डा: यूपीडीएफ चेयरमैन
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए ‘पासा पलटने’ वाला साबित होगा जेवर हवाई अड्डा: यूपीडीएफ चेयरमैन
नोएडा, 26 मार्च (भाषा) नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए ‘पासा पलटने’ वाला साबित होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट फोरम (यूपीडीएफ) के चेयरमैन पंकज जायसवाल ने यह बात कही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 मार्च को इस हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे।
एयर इंडिया सैट्स के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) रह चुके जायसवाल ने कहा कि यह विशाल परियोजना केवल एक हवाई अड्डे ही नहीं, बल्कि प्रदेश को 1,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मजबूत रणनीतिक इंजन के रूप में सामने आएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृष्टिकोण के अनुरूप विकसित यह हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश के लंबे समय से चारों तरफ से जमीन से जुड़ी आर्थिक संभावनाओं को सामने लाएगा और कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), लॉजिस्टिक, पर्यटन व उद्योगों को सीधे वैश्विक बाजार से जोड़ेगा। बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण और मल्टी-मॉडल संपर्क के चलते यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि को नई गति देगी, बल्कि प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर एक मजबूत पहचान भी दिलाएगी।
जायसवाल के अनुसार, भारत की सबसे बड़ी ‘ग्रीनफील्ड’ यानी नई हवाई अड्डा परियोजना सात करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता और लगभग 10 लाख टन कार्गो हैंडलिंग के साथ कृषि, एमएसएमई और लॉजिस्टिक क्षेत्र को नई गति देगी। इसके जरिये फल, सब्जी, डेयरी और सजावटी फूल जैसे जल्द खराब होने वाले उत्पाद सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचेंगे, जिससे “फार्म-टू-ग्लोबल मार्केट” मॉडल मजबूत होगा और किसानों की आय में 20–30 प्रतिशत तक वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि साथ ही लॉजिस्टिक लागत घटने, निर्यात बढ़ने और वैश्विक संपर्क बेहतर होने से उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मानचित्र पर एक सशक्त पहचान मिलेगी।
उन्होंने कहा कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश में व्यापार और पर्यटन के नए आयाम स्थापित करने जा रहा है। यह दिल्ली-एनसीआर, आगरा, मथुरा, वृंदावन और वाराणसी जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों को एक वैश्विक पर्यटन सर्किट से जुड़ेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। बेहतर संपर्क के चलते धार्मिक पर्यटन, चिकित्सा पर्यटन और कारोबारी यात्रा को भी नई गति मिलेगी।
जायसवाल के अनुसार, शुरुआती पांच साल इस हवाई अड्डा में परिचालन, ग्राउंड हैंडलिंग, खुदरा और होटल जैसे क्षेत्रों में 20,000 से अधिक तथा एमआरओ, कार्गो, लॉजिस्टिक और विमानन सेवाओं में 30,000 से अधिक कुल मिलाकर 50,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। वहीं कृषि, परिवहन, आपूर्ति श्रृंखला, एमएसएमई, होटल और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में पांच लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जो लंबी अवधि में 40–50 लाख तक पहुंच सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जेवर हवाई अड्डे के विकास के साथ उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट और औद्योगिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) तेजी से एक प्रीमियम निवेश और औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेंगे।
भाषा
राजकुमार अजय रमण
रमण

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