झारखंड सरकार ने पर्यटन कर, जिलों में पुस्तकालय के लिए 276 करोड़ रुपये के कोष को मंजूरी दी
झारखंड सरकार ने पर्यटन कर, जिलों में पुस्तकालय के लिए 276 करोड़ रुपये के कोष को मंजूरी दी
रांची, 12 मार्च (भाषा) झारखंड मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को शहरी क्षेत्रों के होटल में ठहरने वाले पर्यटकों पर कर लगाने और 23 जिलों में पुस्तकालय बनाने के लिए 276.49 करोड़ रुपये के कोष समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी दी।
मंत्रिपरिषद ने झारखंड शहर पर्यटन कर नियम, 2025 को मंजूरी दी दी। इसके तहत शहरी होटल में ठहरने वाले यात्रियों को कुल बिल मूल्य पर कर का भुगतान करना होगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल बैठक में बुनियादी ढांचा और शिक्षा सहित कुल 40 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट सचिव वंदना डडेल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘मंत्रिमंडल ने झारखंड शहर पर्यटन कर नियम, 2025 को मंजूरी दे दी है। इन नियमों के तहत, घरेलू पर्यटकों को जीएसटी से छूट प्राप्त या जीएसटी के तहत पंजीकृत न होने वाले होटल में ठहरने के लिए कुल बिल मूल्य पर दो प्रतिशत कर का भुगतान करना होगा।’’
जिन होटल में जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से कम है, वहां कर 2.5 प्रतिशत होगा, जबकि जिन होटलों में जीएसटी की दर 18 प्रतिशत या उससे अधिक है, वहां पर्यटक शुल्क पांच प्रतिशत होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘विदेशी पर्यटकों के लिए, गैर-जीएसटी होटल में कर की दर चार प्रतिशत, 18 प्रतिशत से कम जीएसटी वाले होटल में पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत या उससे अधिक जीएसटी वाले होटल में 10 प्रतिशत निर्धारित की गई है।’’
कैबिनेट सचिव ने बताया कि राज्य के 23 जिलों में अत्याधुनिक पुस्तकालयों के निर्माण के लिए 276.49 करोड़ रुपये के कोष को भी मंजूरी दी गई। प्रत्येक पुस्तकालय में 800 लोगों के बैठने की क्षमता होगी। फर्नीचर, उपकरण और पुस्तकों सहित प्रति सुविधा पर अनुमानित लागत 12.02 करोड़ रुपये होगी।
मंत्रिमंडल ने राज्य भर के नगर निगम क्षेत्रों में केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री आवास योजना… शहरी 2.0 के क्रियान्वयन को भी मंजूरी दे दी।
पूर्वी सिंहभूम जिले में ड्राइविंग, प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान की स्थापना के लिए अनुमानित 22 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
उन्होंने बताया कि इसमें से केंद्र सरकार 17 करोड़ रुपये देगी, जबकि टाटा मोटर्स, जमशेदपुर 1.82 करोड़ रुपये का योगदान देगी और शेष 3.21 करोड़ रुपये राज्य सरकार वहन करेगी।
चालू वित्त वर्ष के लिए, मंत्रिमंडल ने धनबाद स्थित बीआईटी सिंदरी में चार उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी है।
कैबिनेट सचिव ने बताया कि इन केंद्रों का संचालन बीआईटी सिंदरी इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर फाउंडेशन करेगा। इस पर पांच वर्षों में अनुमानित 38.58 करोड़ रुपये का व्यय होगा।
भाषा रमण अजय
अजय

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