स्वदेशी संचार उपग्रहों के जरिए आसमान से कनेक्टिविटी बढ़ाएगी जियो प्लेटफॉर्म्सः आकाश अंबानी

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स्वदेशी संचार उपग्रहों के जरिए आसमान से कनेक्टिविटी बढ़ाएगी जियो प्लेटफॉर्म्सः आकाश अंबानी

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  • Publish Date - June 19, 2026 / 04:05 PM IST,
    Updated On - June 19, 2026 / 04:05 PM IST

नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) सार्वजनिक निर्गम लाने की तैयारी में जुटी जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने शुक्रवार को कहा कि अब कंपनी स्वदेशी संचार उपग्रहों के जरिए आसमान से कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक में आकाश अंबानी ने कहा कि जियो इसके लिए स्वदेशी निचली कक्षा वाले उपग्रहों का समूह विकसित करने की संभावना पर विचार कर रही है।

फिलहाल उपग्रह संचार (सैटकॉम) क्षेत्र में एलन मस्क की स्टारलिंक और फ्रांसीसी सेवा प्रदाता यूटेलसैट जैसी विदेशी कंपनियों का वर्चस्व है। अब रिलायंस की जियो प्लेटफॉर्म्स भी इसमें पकड़ बनाना चाहती है।

आकाश अंबानी ने कहा, “जियो ने जमीन पर संचार सेवाओं के जरिए भारत को जोड़ा है, अब हमें आसमान से देश को जोड़ना होगा। अभी भी दूरदराज के कई गांव, द्वीप क्षेत्र और सीमावर्ती चौकियां हैं, जहां जियो नेटवर्क नहीं पहुंच पाता। उनके लिए उपग्रह संपर्क पूरे देश से जुड़ने का माध्यम बनेगी।”

उन्होंने बताया कि जियो एक दोहरी रणनीति पर काम कर रही है, जिसके तहत कंपनी अपनी दीर्घकालिक स्वदेशी क्षमता विकसित करने के साथ वैश्विक उपग्रह नेटवर्क प्रदाताओं के साथ साझेदारी कर उनकी क्षमता पट्टे पर लेकर सेवाओं की उपलब्धता तेज करेगी।

उन्होंने कहा, “यह दृष्टिकोण हमें देश की कनेक्टिविटी जरूरतों को तेजी से पूरा करने में सक्षम बनाएगा और वैश्विक स्तर के भारतीय उपग्रह ब्रॉडबैंड मंच की नींव रखेगा।”

अंबानी ने कहा कि जियो भारत में अपने जमीनी स्टेशन अवसंरचना का भी निर्माण कर रही है, जो साझेदार उपग्रह नेटवर्क और भविष्य के स्वदेशी उपग्रहों दोनों को समर्थन देगा। इससे अंतरिक्ष से जमीन तक एक पूर्ण उपग्रह ब्रॉडबैंड परिवेश विकसित होगा।

उन्होंने कहा कि इस पहल से अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और देश वैश्विक उपग्रह ब्रॉडबैंड सेवाओं के मानचित्र पर मजबूत स्थिति हासिल करेगा।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण