जुबिलेंट जेनेरिक्स को 105 करोड़ रुपये की जीएसटी मांग को लेकर नोटिस

जुबिलेंट जेनेरिक्स को 105 करोड़ रुपये की जीएसटी मांग को लेकर नोटिस

जुबिलेंट जेनेरिक्स को 105 करोड़ रुपये की जीएसटी मांग को लेकर नोटिस
Modified Date: August 28, 2026 / 03:27 pm IST
Published Date: August 28, 2026 3:27 pm IST

नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) जुबिलेंट फार्मोवा लिमिटेड की इकाई जुबिलेंट जेनेरिक्स लिमिटेड को उत्तराखंड जीएसटी (माल एवं सेवा कर) प्राधिकरण से 105.50 करोड़ रुपये से अधिक की कर मांग को लेकर कारण बताओ नोटिस मिला है।

इसमें कर वापसी और जुर्माने की राशि शामिल है।

जुबिलेंट फार्मोवा लि. ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि उत्तराखंड के रुड़की स्थित सीजीएसटी (केंद्रीय जीएसटी) प्रभाग के संयुक्त आयुक्त ने वित्त वर्ष 2020-21 और 2021-22 के लिए यह नोटिस जारी किया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि जुबिलेंट जेनेरिक्स ने नियम 96 के तहत आईजीएसटी (एकीकृत जीएसटी) वापसी का लाभ लेने के साथ-साथ अग्रिम मंजूरी योजना (एएएस) का भी फायदा उठाया, जो नियमों के अनुरूप नहीं है।

अग्रिम मंजूरी योजना के तहत निर्यात किए जाने वाले उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल का शुल्क-मुक्त आयात किया जा सकता है।

नोटिस में 52.75 करोड़ रुपये के जीएसटी (कर) और इतनी ही राशि यानी 52.75 करोड़ रुपये का जुर्माना शामिल है। इसके अलावा ब्याज की राशि अभी निर्धारित नहीं की गई है।

जुबिलेंट फार्मोवा ने कहा कि वह इस नोटिस को चुनौती देगी और जल्द ही अपना जवाब दाखिल करेगी।

कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, ‘‘कारण बताओ नोटिस तथ्यात्मक और कानूनी रूप से गलत है तथा इसे तथ्यों की उचित जांच और मामले की समुचित समीक्षा के बिना जारी किया गया है। इस मामले में कंपनी का पक्ष मजबूत है और वह रुड़की के सीजीएसटी प्रभाग के संयुक्त आयुक्त के समक्ष मामले के गुण-दोष के आधार पर विस्तृत जवाब दाखिल करेगी।’’

भाषा यासिर रमण

रमण


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