पचंकूला नगर निगम एफडीआर घोटाला: कोटक महिंद्रा बैंक का कर्मचारी गिरफ्तार

पचंकूला नगर निगम एफडीआर घोटाला: कोटक महिंद्रा बैंक का कर्मचारी गिरफ्तार

पचंकूला नगर निगम एफडीआर घोटाला: कोटक महिंद्रा बैंक का कर्मचारी गिरफ्तार
Modified Date: March 26, 2026 / 12:43 pm IST
Published Date: March 26, 2026 12:43 pm IST

चंडीगढ़, 26 मार्च (भाषा) हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवीएसीबी) ने पंचकूला नगर निगम की करीब 150 करोड़ रुपये की सावधि जमा रसीदों (एफडीआर) में कथित गड़बड़ी के मामले में पहली गिरफ्तारी की है।

आज जारी आधिकारिक बयान के अनुसार ब्यूरो ने कोटक महिंद्रा बैंक के तत्कालीन ग्राहक संबंध प्रबंधक दिलीप कुमार राघव को बुधवार को गिरफ्तार किया।

आधिकारिक बयान के अनुसार, आरोपी राघव ने मुख्य आरोपियों के साथ मिलकर नगर निगम को एफडीआर के संबंध में फर्जी रिपोर्ट भेजी थीं।

नगर निगम का दावा है कि उसके आधिकारिक रिकॉर्ड और कोटक महिंद्रा बैंक के रिकॉर्ड में 150 करोड़ रुपये का भारी अंतर है।

दूसरी ओर, कोटक महिंद्रा बैंक के प्रवक्ता ने कहा है कि अब तक की जांच के अनुसार सभी लेनदेन बैंकिंग नियमों के तहत हुए हैं। बैंक ने स्वयं भी पंचकूला पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और वह जांच में सहयोग कर रहा है।

एसवीएसीबी द्वारा दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, नगर निगम के दस्तावेजों में 16 सावधि जमा रसीदों के रूप में 145 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा थी, जिसकी परिपक्वता राशि 158 करोड़ रुपये से ज्यादा होनी चाहिए थी। हालांकि, बैंक विवरण के अनुसार खाते में अपेक्षित 50 करोड़ रुपये के बजाय केवल 2.17 करोड़ रुपये ही दर्ज थे। बाद में बैंक ने शेष राशि 12.85 करोड़ रुपये बताई, जो निगम के आंकड़ों से मेल नहीं खाती।

ब्यूरो ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया है।

भाषा सुमित वैभव

वैभव


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