घरेलू ब्रॉडबैंड बाजार में बड़ी इकाइयों, क्षेत्रीय कंपनियों के लिए बड़ी संभावनाएं: रिपोर्ट

घरेलू ब्रॉडबैंड बाजार में बड़ी इकाइयों, क्षेत्रीय कंपनियों के लिए बड़ी संभावनाएं: रिपोर्ट

घरेलू ब्रॉडबैंड बाजार में बड़ी इकाइयों, क्षेत्रीय कंपनियों के लिए बड़ी संभावनाएं: रिपोर्ट
Modified Date: November 29, 2022 / 08:02 pm IST
Published Date: November 30, 2020 3:02 pm IST

नयी दिल्ली, 30 नवंबर (भाषा) भारत के घरेलू ब्रॉडबैंड खंड का विस्तार कमजोर बुनियादी ढांचे, कार्यान्वयन की बाधाओं और भारी निवेश की जरूरतों के चलते वर्षों से बेहद कमजोर रहा है, लेकिन महत्वाकांक्षी लक्ष्यों के साथ जियो के प्रवेश से इस बाजार में मौजूद अवसरों की ओर सभी का ध्यान गया है।

मोतीलाल ओसवाल की ‘द होम ब्रॉडबैंड प्ले’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि बाजार में क्षेत्रीय और बड़ी कंपनियों, दोनों के लिए अवसर हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘विकसित बाजारों के विपरीत भारत का घरेलू ब्रॉडबैंड बाजार कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण वर्षों से अत्यधिक कमजोर बना हुआ है तथा कार्यान्वयन की बाधाओं, भारी निवेश की जरूरतों और विनियामक मसलों से प्रभावित है।’’

रिपोर्ट के मुताबिक इस कारण वायरलेस डेटा की खपत को बढ़ावा मिला है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया, ‘‘हालांकि, रिलायंस जियो की खासतौर से वायरलेस बाजार में बड़े लक्ष्यों के साथ सफलता के बाद घरेलू ब्रॉडबैंड बाजार में मौजूद अवसरों पर सभी की निगाह गई है।’’

भारतीय वायरलाइन बाजार में इस समय दूरसंचार कंपनियों (बीएसएनएल, भारती और रिलायंस जियो) का वर्चस्व है, जिनके पास कुल बाजार हिस्सेदारी का 50 प्रतिशत हिस्सा है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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