महाराष्ट्र सरकार ने 11,995 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांगें पेश कीं
महाराष्ट्र सरकार ने 11,995 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांगें पेश कीं
मुंबई, 24 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में 11,995.33 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांगें पेश कीं, जिनमें ऊर्जा, श्रम, उद्योग और खनन क्षेत्रों के लिए 4,066 करोड़ रुपये का सबसे अधिक आवंटन प्रस्तावित है।
ये अतिरिक्त अनुदान की मांग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में प्रस्तुत की। फडणवीस के पास वित्त विभाग का भी प्रभार है। यह प्रस्ताव राज्य विधानसभा के जारी बजट सत्र के दूसरे दिन पेश किया गया।
वित्त वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट छह मार्च को पेश किया जाएगा।
अनुपूरक मांग वह अतिरिक्त धनराशि होती है, जिसकी जरूरत सरकार को वित्त वर्ष के दौरान तब पड़ती है, जब स्वीकृत वार्षिक बजट से अधिक या अप्रत्याशित खर्च सामने आते हैं। इसके लिए सरकार को विधानसभा की मंजूरी लेनी होती है।
सदन में पेश विवरण के अनुसार, राजस्व मद में 5,748.10 करोड़ रुपये और पूंजीगत मद में 6,003.79 करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित है।
कुल 11,995.33 करोड़ रुपये में से 4,066 करोड़ रुपये ऊर्जा, श्रम, उद्योग और खनन क्षेत्रों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इनमें 3,262 करोड़ रुपये केवल बिजली क्षेत्र के लिए और 803 करोड़ रुपये ग्राम एवं लघु उद्योगों के लिए प्रस्तावित किए गए हैं।
उद्योग, ऊर्जा, श्रम और खनन विभागों ने मिलकर अनुपूरक मांगों के तहत 5,840 करोड़ रुपये की आवश्यकता बताई है।
ग्रामीण विकास विभाग ने 71.03 करोड़ रुपये की मांग की है, जिसमें से 71.02 करोड़ रुपये लोक निर्माण कार्यों के लिए प्रस्तावित हैं।
राज्य योजना विभाग ने 80 करोड़ रुपये की मांग की है, जबकि जलापूर्ति एवं स्वच्छता क्षेत्र के लिए 1,431 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कल्याण विभाग के लिए 23.64 करोड़ रुपये, राजस्व एवं वन विभाग के लिए 132 करोड़ रुपये तथा चिकित्सा शिक्षा एवं औषधि विभाग के लिए 31.43 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांग प्रस्तुत की गई है।
भाषा योगेश अजय
अजय

Facebook


