मुंबई, 22 मई (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि नवाचार, कृत्रिम मेधा, स्टार्टअप और बुनियादी ढांचे में तीव्र वृद्धि के कारण राज्य अगले दो से तीन वर्षों में सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात की अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ देगा।
फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र अब किसी अन्य भारतीय राज्य से प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहा है, क्योंकि यह पहले ही दुनिया की 30वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में आयोजित ‘इमेजिनएक्स्ट 2026’ कार्यक्रम में फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र भारत की स्टार्टअप और यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) राजधानी बनकर उभरा है और अब शोध, नवाचार तथा आर्थिक वृद्धि के मामले में देश का अग्रणी राज्य है।
उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र इस समय 660 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था है और एक लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य के सबसे करीब पहुंचने वाला भारतीय राज्य है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था बढ़कर अब 54 लाख करोड़ रुपये हो गई है, जो 2015 में लगभग 14 लाख करोड़ रुपये थी। पिछले एक दशक में इसमें तीन गुना से अधिक वृद्धि हुई है।
फडणवीस ने कहा, “महाराष्ट्र किसी अन्य भारतीय राज्य से प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहा है। यह पहले ही दुनिया की 30वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और अगले दो से तीन वर्षों में सिंगापुर और यूएई की अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ देगा।”
उन्होंने कहा कि राज्य ने औसतन लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि दर बनाए रखी है और अल नीनो जैसी अस्थायी चुनौतियों के बावजूद 2030 तक एक लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल कर लेने की उम्मीद है।
फडणवीस ने कहा कि प्रौद्योगिकी और कृत्रिम मेधा महाराष्ट्र के विकास के लिए क्षमता बढ़ाने वाले कारक का काम कर रही हैं।
भाषा योगेश रमण
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