Bilaspur High Court News: प्रेग्नेंट रेप पीड़िता की गुहार पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जानिए कोर्ट ने क्या कहा?

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Bilaspur High Court News: प्रेग्नेंट रेप पीड़िता की गुहार पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जानिए कोर्ट ने क्या कहा?

Bilaspur High Court News /Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता को गर्भपात की अनुमति दी
  • कोर्ट ने भ्रूण का डीएनए सैंपल सुरक्षित रखने के निर्देश दिए
  • विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में सुरक्षित गर्भपात कराने का आदेश

बिलासपुर। Bilaspur High Court News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक दुष्कर्म पीड़िता की याचिका पर सुनवाई करते हुए सबको चौंका दिया है। कोर्ट ने उसे 14 से 16 सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने की इजाजत दे दी है। साथ ही कोर्ट ने भ्रूण का डीएनए सैंपल सुरक्षित रखने के निर्देश दिए है।

जस्टिस नरेश कुमार व्यास की सिंगल बेंच प्रशासन को निर्देश देते हुए कहा है कि प्रशासन को सिम्स या जिला अस्पताल में भर्ती कर विशेषज्ञों की देखरेख में सुरक्षित गर्भपात कराई जाय। साथ ही कोर्ट ने लंबित आपराधिक प्रकरण के कारण भ्रूण का डीएनए सैंपल सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।

पीड़िता ने क्या कहा?

पीड़िता ने याचिका में कहा था कि आरोपी ने उसके मर्जी के खिलाफ जबरन शारीरिक संबंध बनाया, जिससे वो गर्भवती हो गई। पीड़िता के मुताबिक इस अनचाहा गर्भ से वो लगातार मानसिक प्रताड़ना और पीड़ा झेल रही है, इसलिए वो इस बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती। वही, मामले में अब कोट ने अब गर्भपात की अनुमति दे दी है।

 

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?

हाईकोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता को 14 से 16 सप्ताह तक के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दी है।

कोर्ट ने डीएनए सैंपल सुरक्षित रखने को क्यों कहा?

मामले से जुड़ा आपराधिक प्रकरण लंबित होने के कारण कोर्ट ने भविष्य की जांच और ट्रायल के लिए डीएनए सैंपल सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।

पीड़िता ने अदालत में क्या कहा?

पीड़िता ने कहा कि आरोपी ने उसकी इच्छा के खिलाफ संबंध बनाए, जिससे वह गर्भवती हुई और अब वह मानसिक पीड़ा झेल रही है।

गर्भपात कहां कराया जाएगा?

कोर्ट ने प्रशासन को सिम्स या जिला अस्पताल में विशेषज्ञों की देखरेख में सुरक्षित गर्भपात कराने के निर्देश दिए हैं।

किस जज की बेंच ने यह फैसला सुनाया?

जस्टिस नरेश कुमार व्यास की सिंगल बेंच ने यह आदेश जारी किया।