मनासुम सीनियर लिविंग आवासीय परियोजनाओं के विकास पर 800 करोड़ रुपये निवेश करेगी

मनासुम सीनियर लिविंग आवासीय परियोजनाओं के विकास पर 800 करोड़ रुपये निवेश करेगी

मनासुम सीनियर लिविंग आवासीय परियोजनाओं के विकास पर 800 करोड़ रुपये निवेश करेगी
Modified Date: June 25, 2026 / 04:54 pm IST
Published Date: June 25, 2026 4:54 pm IST

नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर बनाने वाली कंपनी मनासुम सीनियर लिविंग ने बृहस्पतिवार को विस्तार योजना के तहत अगले पांच साल में आवासीय परियोजनाओं के विकास में 800 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की।

बेंगलुरु की कंपनी ने 2030 तक वरिष्ठ नागरिकों के लिए 10,000 आवास के विकास का लक्ष्य रखा है। कंपनी इस निवेश के साथ 5,000 करोड़ रुपये के राजस्व की उम्मीद कर रही है।

कंपनी अपनी विस्तार रणनीति के तहत मौजूदा बाजारों से आगे बढ़ते हुए दक्षिण, पश्चिम और उत्तर भारत में अपनी उपस्थिति मजबूत करेगी।

मनासुम सीनियर लिविंग के सह-संस्थापक अनंतराम वी. वरयूर ने कहा, ‘‘हम अपनी वृद्धि योजना को आगे बढ़ाने के लिए अगले पांच साल में लगभग 800 करोड़ का निवेश करेंगे। हमारी 25 से अधिक परियोजनाएं शुरू करने की योजना है।’’

कंपनी यह निवेश राशि इक्विटी और कर्ज के जरिये जुटाएगी।

मनासुम मुख्य रूप से रियल एस्टेट कंपनियों के साथ मिलकर परियोजनाएं बनाती है। कंपनी इन परियोजनाओं के लिए विभिन्न रियल एस्टेट कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया में है।

मनासुम अपनी विस्तार रणनीति के तहत बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोच्चि, मुंबई, पुणे, कोलकाता और गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों के बाजारों पर ध्यान केंद्रित करेगी। साथ ही, यह मैसूरु, मंगलुरु, हुबली-धारवाड़, कोयंबटूर, लखनऊ, चंडीगढ़, इंदौर और जयपुर जैसे मझोले (टियर-2) शहरों में भी परियोजनाएं विकसित करेगी।

एक सवाल के जवाब में कंपनी के सह-संस्थापक कुशल रमेश ने कहा, ‘‘मनासुम चालू वित्त वर्ष में करीब 150 करोड़ के निवेश से 10 परियोजनाएं विकसित करेगी। ये परियोजनाएं बेंगलुरु, मुंबई, पुणे, गुरुग्राम, मैंगलुरु जैसे शहरों में विकसित की जाएंगी।’’

कंपनी के अनुसार, प्रस्तावित विस्तार का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा उन शहरों में नई परियोजनाओं के माध्यम से आएगा, जहां वह पहले से मौजूद है। शेष विस्तार नए बाजारों में प्रवेश के जरिये किया जाएगा।

वरयूर ने कहा, ‘‘ भारत 34.6 करोड़ से से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की आबादी की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में वरिष्ठ नागिरकों के लिए खास तौर पर बनाये गये मकानों की जरूरत और भी जरूरी हो जाएगी।’’

मानसूम सीनियर लिविंग की सह-संस्थापक सुमति अनंतराम ने कहा कि कंपनी का मकसद वरिष्ठ नागरिकों के रहन-सहन के लिए एक पूरा परिवेश बनाना है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा ध्यान सिर्फ़ वरिष्ठ नागरिकों के लिए मकान बनाने तक ही सीमित नहीं है बल्कि हम एक ऐसा परिवेश बना रहे हैं जिसमें रहने की जगह, देखभाल, सेवाओं से जुड़ी ढांचागत सुविधाओं को एकीकृत करें। हमें उम्मीद है कि इससे 5,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।’’

मनासुम अभी कर्नाटक, गोवा और आंध्र प्रदेश में कई परियोजनाओं का संचालन कर रही है और गुजरात, तमिलनाडु तथा तटीय कर्नाटक में भी अपना विस्तार कर रही है। कंपनी की लगभग 960 परिचालन वाली इकाइयां हैं जबकि 1,000 से अधिक मकान विकास के चरण में हैं।

भाषा

रमण अजय

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