Sagar Fake Marriage Fraud : दुल्हन के इंतजार में छप गए कार्ड, हो गई हल्दी-मेहंदी… फिर पुलिस ने बताया ऐसा सच कि उड़ गए सबके होश

सागर में शादी के नाम पर कथित ठगी का अजीब मामला सामने आया है। परिवार ने कार्ड छपवा लिए, हल्दी-मेहंदी की रस्में भी पूरी हो गईं, लेकिन शादी से ठीक पहले युवती ने इनकार कर दिया। पुलिस जांच में अब ऐसे खुलासे हो रहे हैं जिन्होंने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है।

Sagar Fake Marriage Fraud : दुल्हन के इंतजार में छप गए कार्ड, हो गई हल्दी-मेहंदी… फिर पुलिस ने बताया ऐसा सच कि उड़ गए सबके होश

Reported By: Nafees Khan,
Modified Date: June 25, 2026 / 03:36 pm IST
Published Date: June 25, 2026 3:36 pm IST
HIGHLIGHTS
  • शादी की तैयारियां और रस्में पूरी होने के बाद टूटा रिश्ता।
  • परिवार ने कार्ड छपवाए, लेकिन तय तारीख पर नहीं हुई शादी।
  • शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच।

सागर : Sagar Fake Marriage Fraud :  मध्य प्रदेश के सागर के कोतवाली थाना क्षेत्र में शादी के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया है। युवक के परिवार ने आरोप लगाया है कि एक महिला एजेंट के माध्यम से इंदौर के एक आश्रम की युवती से रिश्ता तय कराया गया था। शादी की पूरी तैयारियां होने, कार्ड छपने और हल्दी-मेहंदी की रस्में संपन्न होने के बाद युवती ने विवाह से इनकार कर दिया। इसके बाद परिवार ने कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल,पीड़ित युवक नरेश करोसिया निवासी पुरानी पुलिस लाइन, ने बताया कि कैंट क्षेत्र की एक महिला एजेंट ने उसे एक युवती की फोटो दिखाकर उसका नाम “प्रियंका” बताया था। रिश्ता तय होने के बाद कथित तौर पर युवती का नाम “पूजा” बताया गया। शादी पक्की कराने के नाम पर 10 हजार रुपए जमा कराए गए और भरोसा दिलाया गया कि युवती को शादी के दिन सागर लाया जाएगा। इस भरोसे पर परिवार ने शादी के कार्ड छपवा दिए और तैयारियां शुरू कर दीं।

शादी से ठीक पहले युवती ने किया शादी से इंकार

परिजनों का कहना है कि विवाह से पहले पहले एजेंट ने सूचना दी कि युवती शादी के लिए तैयार नहीं है। इसके बाद एजेंट ने दूसरी युवती से शादी कराने का प्रस्ताव दिया और परिवार को रीवा, जबलपुर तथा देवरी तक लड़की दिखाने के नाम पर घुमाया गया। आरोप है कि जबलपुर में कथित लड़की पक्ष की ओर से शादी के बदले 1.20 लाख रुपए की मांग की गई, जो बाद में 65 हजार रुपए तक आ गई, लेकिन बात नहीं बन सकी। इस बीच तय तारीख निकल गई और बुधवार को आयोजित रिसेप्शन भी रद्द करना पड़ा।

आश्रम के माध्यम से अनाथ लड़कियों के विवाह कराए जाते हैं

इस पूरे मामले में एक और दिलचस्प पहलू सामने आया है कि जब परिजन महिला एजेंट को पकड़कर कोतवाली थाने ले आए, तो उसने नया खुलासा किया। महिला एजेंट का दावा है कि उसकी बातचीत इंदौर स्थित एक आश्रम से जुड़ी जसप्रीत नामक महिला से होती थी, जो टोल फ्री नंबर के माध्यम से संपर्क करती थी और भुगतान के लिए क्यूआर कोड भेजती थी। भुगतान होने पर शादी संबंधी रसीद जारी की जाती थी। एजेंट का कहना है कि आश्रम के माध्यम से अनाथ लड़कियों के विवाह कराए जाते हैं।

न है कोई युवती न ही है कोई आश्रम

वहीं उसने यह भी दावा किया कि युवती के मना करने के बाद उसने लड़के पक्ष को कार्ड नहीं छपवाने की सलाह दी थी। वही,कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंघल ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है। जिस दुल्हन का लड़के पक्ष के द्वारा जिक्र किया जा रहा है ऐसी कोई युवती ही नही है,न ही ऐसा कोई आश्रम है,मामले की जांच की जा रही है,जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism And Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..