भारत में विनिर्माण कीजिए, दुनिया के लिए बनाइए: सीतारमण

भारत में विनिर्माण कीजिए, दुनिया के लिए बनाइए: सीतारमण

भारत में विनिर्माण कीजिए, दुनिया के लिए बनाइए: सीतारमण
Modified Date: August 29, 2026 / 01:23 pm IST
Published Date: August 29, 2026 1:23 pm IST

(सागर कुलकर्णी)

वाशिंगटन, 29 अगस्त (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वैश्विक निवेशकों को भारत में विनिर्माण आधार तथा प्रौद्योगिकी तथा नवाचार केंद्र स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। वित्त मंत्री ने उनसे भारत की प्रतिभा और अवसरों का लाभ उठाकर दुनिया के लिए विनिर्माण करने का आग्रह किया।

शिकागो में शुक्रवार को प्रमुख निवेशकों और व्यापारिक नेताओं के साथ एक उच्च स्तरीय बिजनेस गोलमेज बैठक को संबोधित करते हुए, सीतारमण ने भारत की व्यापक वृद्धि, सुधारों की गति और दीर्घकालिक निवेश के लिए बढ़ते अवसरों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत का निवेश प्रस्ताव किसी एक क्षेत्र पर नहीं, बल्कि पिछले एक दशक में पैमाने, वृद्धि, प्रतिभा, बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी और निरंतर सुधारों के संयोजन पर आधारित है।

अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच के सहयोग से शिकागो में भारत के महावाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित गोलमेज बैठक में उन्होंने कहा, ”नीतिगत माहौल व्यवसायों को निवेश करने, विनिर्माण करने, नवाचार करने और विस्तार करने में सक्षम बनाने पर तेजी से केंद्रित हो रहा है।”

वित्त मंत्री ने वैश्विक साझेदारों को सह-विकास, सह-उत्पादन और वैश्विक बाजारों के लिए विनिर्माण करने के लिए आमंत्रित किया।

सीतारमण ने कहा कि भारत को केवल सेवा प्रदान करने वाले बाजार के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि भारत की इंजीनियरिंग प्रतिभा, विनिर्माण पैमाने और प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र का लाभ उठाकर दुनिया के लिए विनिर्माण करना चाहिए।

बैठक का मुख्य विषय ”भारत में विनिर्माण – भारत के लिए और दुनिया के लिए” था, जिसमें विनिर्माण, एआई और डिजिटल, वित्तीय सेवाएं, बुनियादी ढांचा, खाद्य प्रसंस्करण, रक्षा और उन्नत प्रौद्योगिकियों के अवसर शामिल थे।

सीतारमण ने कहा, ”जैसे-जैसे वैश्विक कंपनियां आपूर्ति शृंखलाओं और पूंजी आवंटन का पुनर्मूल्यांकन कर रही हैं, भारत न केवल एक बाजार के रूप में पैमाना प्रदान करता है, बल्कि एक दीर्घकालिक निवेश और परिचालन मंच के रूप में भी गहराई प्रदान करता है।”

मंत्री ने कहा कि भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे – जैसे आधार, यूपीआई, डिजिलॉकर, ओएनडीसी और इंडिया स्टैक – ने जनसंख्या के स्तर पर मंच तैयार किए हैं।

उन्होंने कहा, ”अगला अवसर एआई, इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स, उत्पाद विकास, सेमीकंडक्टर्स और इलेक्ट्रॉनिक्स में उच्च-मूल्य वाले व्यवसायों का निर्माण करना है, जिसमें भारत के वैश्विक क्षमता केंद्र तेजी से वैश्विक नवाचार केंद्र बन रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि गिफ्ट सिटी वैश्विक पूंजी को भारतीय अवसरों से जोड़ने वाले एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में उभर रही है।

सीतारमण अमेरिका की छह दिवसीय यात्रा पर हैं और उनका उत्तरी कैरोलिना के एशविले में जी-20 वित्त मंत्रियों की बैठक में भाग लेने और न्यूयॉर्क जाने का कार्यक्रम है।

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय


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