नयी दिल्ली, पांच दिसंबर (भाषा) अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में तेजी का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा और इनका सम्मिलित बाजार पूंजीकरण उछलकर 14 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया।
हिंडनबर्ग रिपोर्ट में किए गए दावों को अप्रासंगिक बताने वाली एक रिपोर्ट आने के बाद अडाणी समूह के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। समूह की कुछ कंपनियों के शेयर अपर सर्किट लगने के बाद 52 सप्ताह के उच्चस्तर पर पहुंच गए।
सबसे ज्यादा उछाल अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और अडाणी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में रहा। इन दोनों कंपनियों के शेयर 20-20 प्रतिशत चढ़ गए। वहीं अडाणी टोटल गैस के शेयरों में 19.95 प्रतिशत और एनडीटीवी में 18.41 प्रतिशत का उछाल देखा गया।
समूह की प्रमुख कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज का शेयर भी 17.03 प्रतिशत चढ़कर 2,960.10 रुपये पर पहुंच गया। अडाणी पावर में 15.91 प्रतिशत जबकि अडाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड में 15.51 प्रतिशत की बढ़त रही।
कारोबार के दौरान बीएसई में अडाणी पावर और अडाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड के शेयर 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए।
अडाणी विल्मर का शेयर 9.93 प्रतिशत चढ़ा जबकि एसीसी में 8.20 प्रतिशत और अंबुजा सीमेंट्स में 7.22 प्रतिशत की तेजी रही।
इस बीच, अडाणी समूह के हाथों अधिग्रहण पूरा होने के बाद सांघी इंडस्ट्रीज का शेयर भी 4.97 प्रतिशत चढ़ गया।
जोरदार तेजी के बीच समूह की सभी 11 सूचीबद्ध कंपनियों का सम्मिलित बाजार मूल्यांकन बढ़कर 13.91 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। सोमवार को बाजार मूल्यांकन 11.98 लाख करोड़ रुपये पर था। इस तरह एक ही कारोबारी सत्र में इन कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में करीब 1.92 लाख करोड़ रुपये की जबर्दस्त बढ़त दर्ज की गई।
इस साल जनवरी में हिंडनबर्ग रिपोर्ट आने पर बाजार मूल्यांकन में आई भारी गिरावट के बाद अडाणी समूह की कंपनियों का सम्मिलित पूंजीकरण पहली बार 14 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंचा है।
हिंडनबर्ग रिपोर्ट में समूह पर अपनी कंपनियों के शेयरों की कीमतों में हेराफेरी और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए थे। लेकिन समूह ने इन सभी आरोपों को नकार दिया था।
मंगलवार को समूह की कंपनियों में आई तेजी के पीछे हिंडनबर्ग रिपोर्ट को गलत ठहराने वाली एक अनुकूल रिपोर्ट की अहम भूमिका रही।
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