नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष भारत के फसल सुरक्षा उद्योग के लिए लागत में 20 से 25 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि कर सकता है। क्रॉपलाइफ इंडिया ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उद्योग निकाय ने चेतावनी दी कि प्रमुख समुद्री मार्गों में व्यवधान के कारण महत्वपूर्ण कृषि सत्र के दौरान जरूरी कीटनाशकों की कमी हो सकती है, जिससे पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
क्रॉपलाइफ इंडिया के चेयरमैन और क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड के कार्यकारी चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अंकुर अग्रवाल ने कहा, ”इन व्यवधानों के कारण एक महत्वपूर्ण कृषि सत्र के दौरान कुछ फसल सुरक्षा उत्पादों की कमी हो सकती है, जिससे उपज और उत्पाद की गुणवत्ता प्रभावित होगी।”
अग्रवाल ने कहा कि उद्योग पहले से ही संयंत्रों में कम क्षमता उपयोग के लिए तैयार है, जिसका कमाई और रोजगार पर व्यापक असर पड़ेगा। विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इससे प्रभावित होंगे।
उन्होंने घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार से ऊर्जा के मोर्चे पर सहायता और प्रोत्साहन देने का आह्वान किया।
उद्योग निकाय ने आपूर्ति में कमी के बीच बाजार में नकली और घटिया उत्पादों के प्रवेश के जोखिम की ओर भी इशारा किया।
अग्रवाल ने कहा, ”आपूर्ति में कमी और अस्थिरता अवैध, नकली या घटिया उत्पादों के प्रचलन को बढ़ावा दे सकती है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम सतर्क रहें और सभी निगरानी तंत्रों को सक्रिय करें।”
भाषा पाण्डेय रमण
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