कपड़ा मंत्रालय ने क्षेत्र के लिए बजट की खास घोषणाओं पर उद्योग से चर्चा की

कपड़ा मंत्रालय ने क्षेत्र के लिए बजट की खास घोषणाओं पर उद्योग से चर्चा की

कपड़ा मंत्रालय ने क्षेत्र के लिए बजट की खास घोषणाओं पर उद्योग से चर्चा की
Modified Date: February 20, 2026 / 05:22 pm IST
Published Date: February 20, 2026 5:22 pm IST

नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) कपड़ा मंत्रालय ने बजट 2026-27 में घोषित दो खास पहलों- कपड़ा विस्तार एवं रोजगार (टीईईएम) योजना और टेक्स इको पहल को लागू करने पर उद्योग की प्रमुख हस्तियों, वित्तीय संस्थानों और विकास साझेदारों से उनके विचार मांगे हैं।

इन योजनाओं का मकसद कपड़ा एवं परिधान क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा, आधुनिकीकरण, टिकाऊपन लाना और रोजगार पैदा करना है।

मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बजट के बाद पहली राष्ट्रीय उद्योग परामर्श बैठक बुलाई। इसमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों, वित्तीय संस्थानों, विकास साझेदारों और कपड़ा मूल्य शृंखला के प्रतिनिधि शामिल हुए।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘‘यह परामर्श बजट में घोषित दो खास पहलों – कपड़ा विस्तार एवं रोजगार (टीईईएम) योजना और टेक्स इको पहल को लागू करने पर केन्द्रित था, जिसका मकसद कपड़ा और परिधान क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी क्षमता, आधुनिकीकरण, टिकाऊपन लाना और रोजगार पैदा करना है।’’

कपड़ा मंत्रालय में सचिव नीलम शमी राव ने कहा कि वैश्विक प्रतिकूलताओं के बीच एक साल तक मजबूती से टिके रहने के बाद भारतीय वस्त्र उद्योग के लिए पूरा परिदृश्य तेजी से अच्छा होता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अब लागू हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाजार के मौके खोल रहे हैं, शुल्क प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ा रहे हैं और वैश्विक मूल्य शृंखला में भारत की स्थिति को मजबूत कर रहे हैं।

सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि इन व्यापार समझौते का खास तौर पर कपड़ा-केन्द्रित केंद्रीय बजट के साथ मिलना इस क्षेत्र के लिए समय पर और रणनीतिक फायदा देता है।

परामर्श बैठक में कपड़ा विस्तार और रोजगार मिशन पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें बुनाई, प्रसंस्करण और परिधान क्षेत्र को आधुनिक बनाने, निवेश जुटाने, एमएसएमई भागीदारी को मजबूत करने और बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने के लिए एक रूपरेखा पेश की गई।

भाषा राजेश राजेश प्रेम

प्रेम


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