एमएमटीसी-पीएएमपी तीन महीने में शुरू करेगी चांदी पुनर्चक्रण परियोजना
एमएमटीसी-पीएएमपी तीन महीने में शुरू करेगी चांदी पुनर्चक्रण परियोजना
नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) कीमती धातुओं का शोधन करने वाली कंपनी एमएमटीसी-पीएएमपी ने अपने मौजूदा स्टोरों पर तीन महीने के भीतर पायलट आधार पर चांदी का पुनर्चक्रण शुरू करने की योजना बनाई है। कंपनी के एक शीर्ष कार्यकारी ने कहा कि बढ़ती मांग के कारण आपूर्ति पक्ष में गंभीर बाधाएं पैदा होने का खतरा बढ़ गया है।
एमएमटीसी-पीएएमपी के प्रबंध निदेशक और सीईओ समित गुहा ने कहा कि कंपनी चांदी पुनर्चक्रण में इसलिए उतर रही है, क्योंकि अब इसका अर्थशास्त्र अधिक अनुकूल है, जबकि बढ़ती मांग के बावजूद वैश्विक खान उत्पादन क्षमता में महत्वपूर्ण विस्तार के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।
गुहा ने पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ”अगर चांदी की मांग इसी तरह बनी रही, तो हमें आपूर्ति पक्ष में गंभीर बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पुनर्चक्रण की गई चांदी को इस कमी को पूरा करने के लिए बड़ी भूमिका निभानी होगी।”
उन्होंने सरकार से चांदी पुनर्चक्रण को प्रोत्साहित करने का आह्वान करते हुए कहा कि भारतीय परिवारों के पास अनुमानित 25,000 टन सोना और उससे दस गुना मात्रा में चांदी है।
एमएमटीसी-पीएएमपी सोना पुनर्चक्रण के लिए 20 स्टोर संचालित करती है, जिन्हें चांदी संभालने के लिए भी तैयार किया जा सकता है। कंपनी अगले पांच वर्षों में अपने स्टोरों की संख्या दोगुनी करने की योजना बना रही है।
गुहा ने कहा, ”हमें स्टोरों पर अपने कुछ उपकरणों को उन्नत करने और चांदी को धातु के रूप में संभालने के लिए उन्हें पुनर्गठित करने की आवश्यकता है। हमें कुछ प्रशिक्षण देने की जरूरत है। हम अपने कुछ स्टोरों में एक प्रायोगिक परियोजना शुरू करेंगे और फिर इसे आगे बढ़ाएंगे।”
उन्होंने कहा कि यह प्रायोगिक परियोजना तीन से चार महीनों के भीतर दिल्ली में शुरू की जाएगी।
भाषा पाण्डेय
पाण्डेय


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