Haridwar Kumbh Mela 2027: देवभूमि हरिद्वार में उमड़ेगा आस्था का सैलाब.. उत्तराखंड सरकार ने कुम्भ मेले के लिए किया 1000 करोड़ रुपये का आबंटन,

Haridwar Kumbh Mela 2027: उत्तराखंड सरकार ने 2026-27 बजट में धार्मिक पर्यटन, कुंभ मेला 2027 और 48 मंदिरों के विकास के लिए करोड़ों रुपये आवंटित किए।

Haridwar Kumbh Mela 2027: देवभूमि हरिद्वार में उमड़ेगा आस्था का सैलाब.. उत्तराखंड सरकार ने कुम्भ मेले के लिए किया 1000 करोड़ रुपये का आबंटन,

Haridwar Kumbh Mela 2027 || Image- CMO Uttarakhand File

Modified Date: March 11, 2026 / 04:46 pm IST
Published Date: March 11, 2026 4:46 pm IST
HIGHLIGHTS
  • हरिद्वार कुंभ मेला 2027 के लिए बजट
  • 48 मंदिरों के आसपास बुनियादी ढांचा विकास
  • संस्कृत पाठशालाओं को 28 करोड़ रुपये का अनुदान

Haridwar Kumbh Mela 2027: देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य में आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 2026-27 के बजट में हजारों करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, गंगा, यमुना, चार धाम, कैलाश और अन्य पवित्र शक्ति पीठों के कारण उत्तराखंड सनातन धर्मावलंबियों के लिए लंबे समय से आस्था का केंद्र रहा है। सरकार राज्य को धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के प्रयास में है, जिससे आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि की उम्मीद है।

48 मंदिरों के आसपास बुनियादी ढांचे का विकास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने हरिद्वार कुंभ मेला 2027, हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर, नंदा देवी राज जाट और सरयू नदी तट विकास परियोजनाओं के लिए बजट में पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया है। इसके अलावा बद्रीनाथ और केदारनाथ पुनर्निर्माण परियोजनाओं के साथ ही मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत 48 मंदिरों के आसपास बुनियादी ढांचा विकास कार्य भी शुरू कर दिए गए हैं।

संस्कृत पाठशालाओं के लिए 28 करोड़ रुपये

Haridwar Kumbh Mela 2027: आगामी नंदा देवी राज जाट तीर्थयात्रा के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। तीर्थयात्रा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शीतकालीन चार धाम यात्रा भी शुरू की जा चुकी है। सरयू नदी और अन्य नदी तट विकास परियोजनाओं के साथ हरिपुर कालसी स्थित यमुना घाट के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, आध्यात्मिक अर्थव्यवस्था क्षेत्र के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये और संस्कृत पाठशालाओं के लिए 28 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को विश्व स्तर पर आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाना है, जिससे स्थानीय समुदाय और अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ हो।

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