एमएमटीपी-पीएएमपी ने डिजिटल सोने, चांदी की खरीद का मंच फिर शुरू किया

एमएमटीपी-पीएएमपी ने डिजिटल सोने, चांदी की खरीद का मंच फिर शुरू किया

एमएमटीपी-पीएएमपी ने डिजिटल सोने, चांदी की खरीद का मंच फिर शुरू किया
Modified Date: May 7, 2026 / 07:07 pm IST
Published Date: May 7, 2026 7:07 pm IST

नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) बहुमूल्य धातुओं को परिष्कृत करने वाली कंपनी एमएमटीसी-पीएएमपी डिजिटल रूप में सोने और चांदी की खरीद को फिर से शुरू कर दिया है। अब उपभोक्ता गूगल पे, पेटीएम और फोनपे जैसे साझेदार मंचों के अलावा कंपनी की वेबसाइट और एंड्रॉइड ऐप के माध्यम से सीधे डिजिटल सोने और चांदी की खरीदारी कर सकते हैं।

कंपनी ने सबसे पहले 2017 में डिजिटल सोना और फरवरी, 2023 में चांदी की पेशकश की थी। हालांकि, बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव के लिए वेबसाइट को नया रूप देने के उद्देश्य से 2024 के अंत में सीधे मंच से बिक्री बंद कर दी गई थी। वेबसाइट के नवीनीकरण के दौरान यह सेवा तृतीय-पक्ष भुगतान मंच के माध्यम से उपलब्ध रही।

एमएमटीसी-पीएएमपी ने मई, 2025 में अपनी नई वेबसाइट को फिर से पेश किया।

इस सेवा के तहत ग्राहक मात्र 10 रुपये से सोने और चांदी में निवेश कर सकते हैं। प्रत्येक यूनिट के बदले में बीमाकृत, बैंक-स्तर की तिजोरियों में सुरक्षित भौतिक धातु मिलती है, जिसका ऑडिट एक स्वतंत्र तृतीय-पक्ष द्वारा किया है।

ग्राहक के नाम पर इन्हें रखा जाता है और इन्हें वास्तविक बाजार मूल्यों पर खरीदा, बेचा, उपहार में दिया या भुनाया जा सकता है। प्राप्त राशि सीधे बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है या भौतिक सिक्कों और छड़ों में परिवर्तित की जाती है।

कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी समित गुहा ने कहा, “डिजिटल सोना और चांदी कीमती धातुओं के उद्योग में खरीदारी का एक पसंदीदा तरीका बनता जा रहा है, खासकर युवा और पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों के बीच यह काफी लोकप्रिय है। यह माध्यम सुगमता, लचीलेपन और पारदर्शिता को महत्व देता है।’’

उन्होंने कहा, “इसकी पुन: शुरुआत के साथ हमारा ध्यान डिजिटल मंच की सुविधा के साथ भौतिक सोने और चांदी के भरोसे को बनाए रखने पर है।”

भारत में निवेश के एक विकल्प के रूप में डिजिटल कीमती धातुओं ने लोकप्रियता हासिल की है, जो छोटे निवेशकों को भंडारण संबंधी चिंताओं के बिना परिसंपत्ति वर्ग में प्रवेश करने का अवसर प्रदान करती है।

भाषा अजय अजय रमण

रमण


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