सरकार की ओर से बिकवाली होने से सरसों, मूंगफली और सोयाबीन तेल-तिलहन में गिरावट

सरकार की ओर से बिकवाली होने से सरसों, मूंगफली और सोयाबीन तेल-तिलहन में गिरावट

सरकार की ओर से बिकवाली होने से सरसों, मूंगफली और सोयाबीन तेल-तिलहन में गिरावट
Modified Date: February 20, 2026 / 08:42 pm IST
Published Date: February 20, 2026 8:42 pm IST

नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) सरकार की तरफ से बृहस्पतिवार शाम को पुराने तिलहन का स्टॉक बेचने के कारण देश के तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सरसों, मूंगफली और सोयाबीन तेल-तिलहन में गिरावट देखी गई। विदेशी बाजारों में गिरावट आने से कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल में भी गिरावट दर्ज हुई।

शिकॉगो एक्सचेंज में बीती रात लगभग 1.75 प्रतिशत की गिरावट थी और फिलहाल भी यहां गिरावट चल रही है। मलेशिया एक्सचेंज साढ़े तीन बजे गिरावट के साथ बंद हो गया और शुक्रवार को यहां शाम का कारोबार नहीं होगा।

बाजार सूत्रों ने कहा कि शिकॉगो और मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट रहने तथा सोयाबीन के तेल रहित खल (डीओसी) की कमजोर मांग रहने और सरकर की ओर से पुराने स्टॉक की बिकवाली करने से सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम गिरावट के साथ बंद हुए।

उन्होंने कहा कि विदेशों में गिरावट के बीच पाम-पामोलीन तेल के दाम भी नुकसान में रहे।

सूत्रों ने कहा कि अभी सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 5,950 रुपये प्रति क्विंटल है। लेकिन सरसों की नई फसल को खरीद कर स्टॉक रखने की जगह बनाने के मकसद से सरकार ने कल रात इसके पुराने स्टॉक की 6,000-6,200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिकवाली की। किसानों को सरसों के ठीक-ठाक दाम मिल रहे हैं। इस सरकारी बिकवाली के अलावा नये सरसों फसल की आवक बढ़ने के बीच सरसों तेल-तिलहन में गिरावट रही।

सरकारी बिकवाली के असर से मूंगफली और सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम भी गिरावट पर बंद हुए। मूंगफली का एमएसपी 7,260 रुपये प्रति क्विंटल है। मंहगा होने की वजह से पहले ही इसके लिवाल कम थे। ऊंचे भाव के कारण माल खप नहीं रहा है। इन परिस्थितियों के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम गिरावट के साथ बंद हुए।

विदेशों में गिरावट के रुख के बीच पाम-पामोलीन और मांग सुस्त रहने के साथ बाकी खाद्य तेलों की गिरावट के दवाब में पाम-पामोलीन तेल के दाम भी मंदा रहे। बाकी तेल-तिलहनों में गिरावट के अनुरूप बिनौला तेल के दाम भी गिरावट दर्शाते बंद हुए।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 6,700-6,725 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,800-7,275 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 16,500 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,615-2,915 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,330-2,430 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,330-2,475 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,450 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,050 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,340 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,825 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,750 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,650 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,350-5,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,950-5,000 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश प्रेम

प्रेम


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